Gurugram Police Action: राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गुरुग्राम पुलिस इन दिनों काफी एक्शन मोड में नजर आ रही है। साइबर सिटी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुरुग्राम में मजदूर बनकर छुपे 13 बांग्लादेशी गिरफ्तार किए गए हैं। ये सभी लोग बिना किसी वैध दस्तावेज (valid documents) के यहां रह रहे थे और पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
झुग्गियों और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर चल रहा था खेल
गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) सेक्टर-39 की टीम पिछले दो दिनों से इलाके में एक विशेष चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को कुछ संदिग्ध लोगों के बारे में सूचना मिली। जब पुलिस ने कंस्ट्रक्शन साइट्स (निर्माणाधीन इमारतों) और आसपास की झुग्गियों में छानबीन की, तो वहां मजदूरी कर रहे 13 लोग शक के घेरे में आए। जब पुलिस ने इनसे कड़ाई से पूछताछ की और इनके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया, तो सच सामने आ गया।
कालियागंज बॉर्डर से भारत में मारी थी एंट्री
गिरफ्तार किए गए इन सभी बांग्लादेशी नागरिकों के पास से बांग्लादेश की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिससे यह साफ हो गया कि ये भारत के नागरिक नहीं हैं। पूछताछ में उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में स्थित कालियागंज बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे। इस काम में एक बांग्लादेशी एजेंट ने मोटी रकम लेकर अवैध रूप से बॉर्डर पार कराने में उनकी मदद की थी।
पुलिस की अगली कार्रवाई और डिपोर्ट करने की तैयारी
बॉर्डर पार करने के बाद ये सभी सीधे गुरुग्राम पहुंच गए और पहचान छुपाने के लिए यहां दिहाड़ी मजदूर और श्रमिक बनकर रहने लगे ताकि किसी को इन पर शक न हो। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गुरुग्राम पुलिस ने इन सभी के खिलाफ कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और अब कानूनी प्रक्रिया के तहत इन्हें वापस बांग्लादेश डिपोर्ट (देश निकाला) करने की तैयारी की जा रही है।
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