Jewar Airport के लिए 45 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, CM Yogi ने दिखाई हरी झंडी। DD News UP

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Jewar airport electric buses: उत्तर प्रदेश के विकास और आधुनिक कनेक्टिविटी में शुक्रवार को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अपने सरकारी आवास से पश्चिमी यूपी के लोगों के लिए एक बेहद आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सेवा की शुरुआत की है। इस नई शुरुआत से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के क्षेत्रों से दिल्ली-एनसीआर के लोगों का सफर बेहद आसान होने जा रहा है।

यूपी में पहली बार चलीं हाइड्रोजन बसें

इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी और खास बात रही उत्तर प्रदेश में पहली बार हाइड्रोजन बसों का संचालन। मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना अथॉरिटी क्षेत्र के लिए एनटीपीसी (NTPC) ने तीन बेहद आधुनिक हाइड्रोजन बसें उपलब्ध कराई हैं। आजकल पूरी दुनिया में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी एक नई और बेहद लोकप्रिय धारणा बन चुकी है। यूपी भी अब इस तकनीक को अपनाने में सबसे आगे खड़ा हो गया है। इन अनोखी बसों को चलाने के लिए किसी पेट्रोल, डीजल या आम गैस की जरूरत नहीं होगी, बल्कि इन्हें सीधे पानी से तैयार होने वाले ईंधन से चलाया जाएगा।

Jewar airport

सीवर के पानी से तैयार होगा बसों का ईंधन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि पानी में दो भाग हाइड्रोजन और एक भाग ऑक्सीजन होता है। इस तकनीक में जमीन के कीमती पानी या नदियों के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, बल्कि सीवर के गंदे पानी को पूरी तरह ट्रीट करके (साफ करके) इस्तेमाल में लाया जाएगा। इस ट्रीटेड पानी से ऑक्सीजन को अलग करके खुले वायुमंडल में छोड़ दिया जाएगा, जो पर्यावरण को शुद्ध करेगी। वहीं, बची हुई हाइड्रोजन को कंप्रेस करके सिलेंडरों में भरा जाएगा, जिससे ये बसें बिना कोई प्रदूषण फैलाए सड़कों पर दौड़ेंगी। यह तकनीक पर्यावरण को जहरीले धुएं से बचाने में गेम-चेंजर साबित होगी।

15 जून से शुरू हो रहा है जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट

इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा कनेक्शन आने वाले कुछ ही दिनों में शुरू होने जा रहे देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट से है। सीएम ने बताया कि आगामी 15 जून से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमान सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट तक आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए कनेक्टिविटी को अभी से मजबूत किया जा रहा है। शुरुआत में Noida इलेक्ट्रिक बसें और हाइड्रोजन बसें मिलाकर कुल 45 बसें चलाई जा रही हैं, लेकिन 15 जून तक इनकी संख्या बढ़ाकर 110 कर दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस रूट पर करीब 500 बसें संचालित करने का है। जब तक जेवर एयरपोर्ट के लिए मेट्रो सेवा शुरू नहीं हो जाती, तब तक ये बसें यात्रियों के लिए सबसे सुलभ और सुरक्षित जरिया बनेंगी।

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विकास की रफ्तार और पुरानी सरकारों पर निशाना

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य के बदलते स्वरूप पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान टूटी सड़कों और कानून-व्यवस्था की बदहाली से होती थी। उस दौर में निवेशक यूपी का रुख करने से डरते थे। लेकिन आज डबल इंजन की सरकार की नीतियों के कारण राज्य में 4 लाख किलोमीटर से ज्यादा का शानदार रोड नेटवर्क तैयार हो चुका है। आज देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के पास ही हैं। भगवान श्रीराम के समय का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सदियों से उपेक्षित रही अयोध्या को भी आज महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में नई पहचान मिल चुकी है।

Noida और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में शुरू हुई ये हाईटेक बसें सिर्फ सफर को आसान नहीं बनाएंगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कम करने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगी। पानी से बसें चलाने की यह शुरुआत आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को क्लीन और ग्रीन एनर्जी के मामले में देश का नंबर वन राज्य बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ठोस कदम है।

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