Kanpur: उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में अब पढ़ाई और रिसर्च को और बेहतर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। हाल ही में प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां एक अहम बैठक की, जिसमें यूनिवर्सिटी के विकास से लेकर छात्रों और किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
यूनिवर्सिटी में खाली पद जल्द भरे जाएंगे
कुलपति सभागार में हुई इस समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने साफ कहा कि यूनिवर्सिटी में जितने भी खाली पद हैं, उन्हें बिना किसी देरी के भरा जाए। शासन की तरफ से इसमें कोई रुकावट नहीं है। मकसद सीधा है—छात्रों को बेहतरीन और उच्च स्तर की शिक्षा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि अब सिर्फ केवीके (कृषि विज्ञान केंद्र) के वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी सीधे किसानों के खेतों तक जाएंगे और उनकी मदद करेंगे।

कम बारिश को देखते हुए खेती की नई रणनीति
इस साल कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि मंत्री ने एक खास सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान इस बार धान की पौध लगाने के बजाय सीधे बुआई करें। इससे पानी की काफी बचत होगी। साथ ही, उन्होंने किसानों को धान की जगह दलहन (दालें) और तिलहन की फसलों को उगाने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि कम पानी में भी अच्छा मुनाफा मिल सके।
यह भी पढ़ें: UP में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर: संविदा पर भर्ती होंगे 3000 डॉक्टर
हॉस्टल का निरीक्षण और छात्राओं से बातचीत
बैठक के बाद कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi अचानक गर्ल्स हॉस्टल का हालचाल जानने पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत की और मिल रही सुविधाओं, जैसे खाने-पीने और रहने की व्यवस्था के बारे में पूछा। छात्राओं ने बताया कि अब व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और लाइब्रेरी भी अब हफ्ते के सातों दिन खुलती है।
सीएसए यूनिवर्सिटी कानपुर में हुई इस बैठक से साफ है कि सरकार का ध्यान अब किताबी ज्ञान के साथ-साथ जमीनी सुधारों पर भी है। खाली पदों के भरने से जहां छात्रों को फायदा होगा, वहीं वैज्ञानिकों के खेतों तक जाने से किसानों की मुश्किलें भी आसान होंगी।

