India-Venezuela: PM Modi और Delcy Rodriguez के बीच बड़ी बैठक, भारत-वेनेजुएला संबंध छुएंगे नई ऊंचाइयां। DD News UP

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India-Venezuela: वैश्विक राजनीति और व्यापार के लिहाज से भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण हफ्ता चल रहा है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodriguez बुधवार (3 जून, 2026) को भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदलते समीकरणों के बीच इस यात्रा को बेहद खास माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचते ही विदेश मंत्रालय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और साफ किया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच दोस्ती का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आज दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज के बीच एक बेहद अहम बैठक होने वाली है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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दिल्ली आगमन और स्वागत का माहौल

कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodriguez का यह दौरा 3 जून से शुरू होकर 7 जून, 2026 तक चलेगा। वह अकेली नहीं आई हैं, बल्कि उनके साथ वेनेजुएला के विदेश मामलों, अर्थव्यवस्था, वित्त, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, संचार और परिवहन मंत्रालयों के मंत्रियों का एक बहुत बड़ा और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर उनके स्वागत की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच की साझेदारी को एक नई गति मिलेगी। अपने तय कार्यक्रमों के तहत,

रोड्रिगेज सबसे पहले राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी और फिर भारतीय नेतृत्व के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू होगा।

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PM Modi और Delcy Rodriguez की मुलाकात के मुख्य मुद्दे

आज होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दोनों देशों के बीच कई गंभीर और दूरगामी मुद्दों पर चर्चा होगी। PM Modi और Delcy Rodriguez मिलकर दोनों देशों के पुराने रिश्तों की समीक्षा करेंगे और यह तय करेंगे कि आने वाले समय में सहयोग को कैसे और मजबूत किया जाए। इस बैठक के मुख्य एजेंडे में ऊर्जा सुरक्षा, आपसी व्यापार, निवेश, दवाइयां (फार्मास्यूटिकल्स), स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों नेता इस बात पर विचार करेंगे कि कैसे दोनों देश मिलकर एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

India-Venezuela संबंध और कच्चे तेल का समीकरण

अगर हम ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारत और वेनेजुएला के रिश्ते हमेशा से ही काफी अच्छे और संतुलित रहे हैं। दोनों देश ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों के हितों की आवाज बुलंद करने के लिए एक साथ खड़े रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि India-Venezuela संबंध में ऊर्जा और कच्चे तेल की भूमिका सबसे बड़ी रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 तक वेनेजुएला भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला के तेल पर काफी भरोसा करता है। इसके अलावा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) और वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी के बीच पहले से ही संयुक्त उद्यम चल रहे हैं, जिन्हें इस बैठक के बाद और विस्तार मिल सकता है।

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व्यापारिक आंकड़े और नए क्षेत्रों में सहयोग

आर्थिक मोर्चे पर भी दोनों देश काफी करीब आ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों को देखें तो भारत और वेनेजुएला के बीच का द्विपक्षीय व्यापार 678.94 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। तेल के अलावा भारत से बड़े पैमाने पर दवाइयां (फार्मास्यूटिकल्स) वेनेजुएला भेजी जाती हैं। वेनेजुएला का यह प्रतिनिधिमंडल भारत के कई बड़े औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे कि दवा कंपनियों और ऑटोमोबाइल प्लांट्स का दौरा भी करेगा। इसका मकसद भारत की तकनीकी और औद्योगिक ताकत को करीब से देखना और समझना है ताकि वेनेजुएला में भी ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सके। इसके अलावा डिजिटल सॉल्यूशंस, आयुष (पारंपरिक चिकित्सा) और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

डेल्सी रोड्रिगेज का पुराना भारत कनेक्शन

आपको बता दें कि डेल्सी रोड्रिगेज के लिए भारत कोई नया देश नहीं है। वह पहले भी कई बार भारत आ चुकी हैं और भारतीय नेताओं के साथ उनके बेहतरीन कामकाजी रिश्ते हैं। यह उनकी अलग-अलग भूमिकाओं में भारत की छठी यात्रा है। इससे पहले वह 2015 में विदेश मंत्री के रूप में भारत आई थीं। इसके बाद 2019, 2023, 2024 और 2025 में वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने भारत का दौरा किया था। हालांकि, इस बार वह कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर भारत आई हैं, जिससे इस यात्रा का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

हैदराबाद हाउस में होने वाली यह द्विपक्षीय वार्ता 2026 भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों रूपों में फायदेमंद साबित होने वाली है। एक तरफ जहां भारत को अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की सुरक्षित और निरंतर आपूर्ति का भरोसा मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ भारतीय फार्मा और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए वेनेजुएला के रूप में एक बड़ा बाजार और मजबूत होगा। कुल मिलाकर, यह यात्रा आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगी।

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