Ebola Virus संकट के बीच भारत ने अफ्रीका भेजी 43 टन की दूसरी बड़ी सहायता खेप, S Jaishankar ने कही ये बात…

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Ebola Virus: वैश्विक जन स्वास्थ्य संकट के समय हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने वाले भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मानवीय और कूटनीतिक भूमिका को पुरजोर तरीके से साबित किया है. भारत ने मंगलवार को ‘अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ (Africa CDC) के लिए चिकित्सा सहायता की अपनी दूसरी बड़ी खेप रवाना कर दी है. इस 43 टन वजनी विशाल खेप में मुख्य रूप से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षात्मक गियर (पीपीई किट आदि), अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक और मॉनिटरिंग उपकरण, जीवन रक्षक दवाएं और उच्च गुणवत्ता वाले पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स शामिल हैं. इस त्वरित सहायता का मुख्य उद्देश्य अफ्रीकी महाद्वीप में पैर पसार रहे खतरनाक Ebola Virus के प्रकोप को रोकना और वहां की स्वास्थ्य प्रणालियों के रिस्पांस को अत्यधिक मजबूत व प्रभावी बनाना है.

विदेश मंत्री S Jaishankar ने एक्स पर साझा की जानकारी

भारत के विदेश मंत्री S Jaishankar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस वैश्विक सहयोग की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए देश की प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत ने अफ्रीका सीडीसी को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप सफलतापूर्वक रवाना कर दी है, जिसमें सुरक्षात्मक गियर, डायग्नोस्टिक व मॉनिटरिंग उपकरण, दवाएं और सप्लीमेंट्स शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि भारत की ओर से भेजी गई यह 43 टन की बड़ी राहत सामग्री अफ्रीका के भीतर सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को व्यापक रूप से सुदृढ़ करेगी और Ebola Virus के खिलाफ जंग में वहां की क्षमता को नई ताकत देगी. इससे पहले, भारत ने बीती 24 मई को ही आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति और सुरक्षा किटों की पहली खेप अफ्रीका सीडीसी के लिए रवाना की थी, जिसके बाद 29 मई को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने देश की ओर से संकटग्रस्त देशों को निरंतर सहयोग देने की इच्छा भी प्रकट की थी.

कांगो में बिगड़े हालात, भारत की त्वरित मदद पर अफ्रीका ने जताया आभार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा बीते 17 मई को अफ्रीकी क्षेत्र में इबोला की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (PHEIC) घोषित किया जा चुका है. विशेष रूप से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में फैले बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप के खिलाफ लड़ाई में भारत द्वारा दी गई इस अभूतपूर्व और त्वरित सहायता की अफ्रीका सीडीसी ने खुले दिल से सराहना की है और नई दिल्ली के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है. गौरतलब है कि इबोला एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों, दूषित सामग्रियों या संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने से इंसानों में फैलती है. इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव (ब्लीडिंग) शामिल है. संकट के इस दौर में भारत का यह कदम हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ बढ़ाए गए मजबूत चिकित्सा सहयोग की निरंतरता को दर्शाता है, जिसके तहत भारत ने कोविड-19 महामारी जैसी वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान भी अफ्रीका को दवाओं और टीकों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की थी.

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