New Immigration Rules: भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के आव्रजन और विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों को और अधिक सुचारू व सख्त बनाने के लिए ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025‘ में महत्वपूर्ण बदलावों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. सोमवार (1 जून, 2026) को जारी इस नए प्रावधान के तहत, जो विदेशी नागरिक 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आ रहे हैं और अपनी तय अवधि के बाद भी यहाँ रुकना चाहते हैं, उन्हें अब अपनी वीजा अवधि समाप्त होने से पहले (“any time before the expiry of the said period of 180 days”) अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा. यह नया नियम सरकार के राजपत्र (गजट) में नियम 12 के उप-नियम (1) के तहत संसोधित किया गया है. यह व्यवस्था उस पुराने नियम की जगह लेगी, जिसके तहत विदेशी नागरिकों को भारत आगमन के 180 दिन बीत जाने के बाद अगले 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की छूट मिलती थी.
आपातकालीन परिस्थितियों में ही मिलेगी अनुमति, नियमों में कड़ाई के संकेत
नए नियमों के मुताबिक, जिन विदेशी नागरिकों के पास 180 दिनों से अधिक का वीजा है, लेकिन उनके वीजा में यह शर्त (Stipulation) जुड़ी है कि “प्रत्येक यात्रा या ठहराव 180 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए”, उन्हें भी विशेष ध्यान देना होगा. ऐसे नागरिक यदि किसी एक मौके पर या पूरे कैलेंडर वर्ष में कुल मिलाकर 180 दिनों से अधिक समय तक भारत में रुकने की इच्छा रखते हैं, तो उन्हें इस अवधि की समाप्ति से पहले ही आवेदन करना होगा. सरकार ने इस अधिसूचना में पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि अब इस प्रकार के पंजीकरण या रुकने की अनुमति “केवल आपातकालीन परिस्थितियों” (Emergent Circumstances) में ही प्रदान की जाएगी. इस कड़े कदम से सरकार का उद्देश्य देश के भीतर विदेशी नागरिकों की आवाजाही और उनके ठहराव की कड़ाई से निगरानी करना है.
New Immigration Rules: विदेशी माता-पिता के बच्चों के नियमों में थोड़ी राहत
इन कड़े संशोधनों के बीच सरकार ने उन बच्चों को मामूली राहत भी दी है, जिनके माता-पिता में से कोई एक या दोनों विदेशी नागरिक हैं. पुराने नियमों के अनुसार, ऐसे बच्चों के भारत में जन्म लेने पर माता-पिता को नए वीजा या एक्जिट परमिशन जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकरण अधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचित करना होता था. नई अधिसूचना के तहत यह नियम उन मामलों में लागू नहीं होगा जहां माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वह बच्चे की भारतीय नागरिकता को बरकरार रखना चाहता है. हालांकि, यदि वह बच्चा भविष्य में भारत में रहते हुए किसी दूसरे देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो माता-पिता को इसकी जानकारी विदेशी नागरिकता मिलने के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी. इसके साथ ही, इस नई अधिसूचना में देश के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम या ठहरने की सुविधा देने वाले चिकित्सा संस्थानों के लिए भी रिपोर्टिंग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े नियमों को संशोधित किया गया है.
