Smart Meerut: क्रांतिधरा मेरठ को स्वच्छता के मामले में देश के अग्रणी शहरों की कतार में खड़ा करने के लिए नगर निगम ने एक बेहद आधुनिक और बड़ा कदम उठाया है। अब शहर की मुख्य और व्यस्त सड़कों की सफाई पारंपरिक तरीके के बजाय अत्याधुनिक मशीनों (Mechanized Road Sweeping) के जरिए की जाएगी। इस नई और हाईटेक व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ सर्किट हाउस से मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने संयुक्त रूप से इन अत्याधुनिक मशीनों को हरी झंडी दिखाकर किया।
दो शिफ्टों में होगी 119 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई
इस नई परियोजना के तहत मेरठ नगर निगम ने शहर के विकास और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक रूट मैप तैयार किया है:
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सफाई का दायरा: मेरठ की करीब 119 किलोमीटर लंबी प्रमुख और वीआईपी सड़कों को इस मैकेनाइज्ड क्लीनिंग प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
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दो शिफ्टों में कार्य: सड़कों पर धूल और प्रदूषण को कम करने के लिए यह अत्याधुनिक मशीनें सुबह और शाम, यानी दो अलग-अलग शिफ्टों में नियमित रूप से सड़कों को साफ करेंगी।
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कंपनी की जिम्मेदारी: नगर निगम ने इस काम के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी/कंपनी को अनुबंधित किया है, जिसे निर्धारित रूटों पर बिना किसी लापरवाही के प्रतिदिन मशीन आधारित सफाई सुनिश्चित करनी होगी।
हर महीने खर्च होंगे ₹1.23 करोड़, इंदौर जैसा स्वच्छ बनेगा मेरठ
इस पूरी हाईटेक सफाई परियोजना को जमीन पर उतारने और शहर को धूल मुक्त बनाने के लिए नगर निगम हर महीने करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रहा है।
शुभारंभ के मौके पर मीडिया से बात करते हुए सांसद अरुण गोविल ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य और संकल्प मेरठ को स्वच्छता के मामले में देश के सबसे साफ शहर ‘इंदौर’ की तर्ज पर अग्रणी शहरों की सूची में शामिल करना है। उन्होंने जनता से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। वहीं, महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने इस पहल को मेरठ के इतिहास में स्वच्छता व्यवस्था को एक नए और आधुनिक स्तर पर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने भरोसा दिलाया कि इस व्यवस्था से न सिर्फ सड़कें साफ होंगी, बल्कि शहर के वायु प्रदूषण इंडेक्स (AQI) में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।







