Delhi Ration Scheme 2026: दिल्ली की आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत देने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह हाईटेक बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया है। कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में सरकार ने राशन कार्ड पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा (Annual Income Limit) को बढ़ा दिया है, जिससे अब दिल्ली के हजारों नए परिवारों को मुफ्त और रियायती राशन का सीधा लाभ मिल सकेगा।
इस जन-हितैषी फैसले के साथ ही दिल्ली सरकार ने राशन वितरण में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए देश की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित राशन प्रणाली लागू करने की भी आधिकारिक घोषणा की है।
अब ₹2.5 लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों को मिलेगा राशन
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में बढ़ती महंगाई और शहरी जीवन की लागत को देखते हुए पुराना आय ढांचा नाकाफी साबित हो रहा था:
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सीमा में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: पहले दिल्ली में राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा मात्र 1 लाख रुपये थी, जिसे बाद में संशोधित कर 1.2 लाख रुपये किया गया था। अब इसे सीधे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।
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मध्यम वर्ग को सुरक्षा कवच: इस ऐतिहासिक फैसले से दिल्ली के निम्न और निम्न-मध्यम वर्ग (Lower-Middle Class) के उन हजारों परिवारों को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा, जो पहले थोड़ी सी अधिक आय होने के कारण सरकारी राशन योजना से बाहर हो गए थे। मंत्री सिरसा ने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार बुनियादी खाद्य सुरक्षा से वंचित न रहे।
Delhi Ration Scheme 2026: CBDC (डिजिटल करेंसी) से लैस होगा राशन मॉडल
राशन कार्ड का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ दिल्ली सरकार शासन में तकनीकी प्रगति और पारदर्शिता की दिशा में देश का सबसे आधुनिक मॉडल पेश करने जा रही है। सरकार दिल्ली में ट्रेडिशनल कैश (नकद) लेनदेन को पूरी तरह चरणबद्ध तरीके से खत्म करेगी:
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सीधा बैंक से जुड़ाव: इस नए डिजिटल मॉडल के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे डिजिटल करेंसी (e-Rupee/CBDC) के रूप में क्रेडिट की जाएगी। लाभार्थी इस डिजिटल करेंसी का उपयोग राशन की दुकानों पर खाद्यान्न खरीदने के लिए कर सकेंगे।
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बैंकों का एकीकरण (Integration): इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार इसे चरणबद्ध (Phased Implementation) तरीके से रोलआउट करेगी। इसमें सरकारी (Public) और निजी (Private) दोनों तरह के बैंकों को सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
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भ्रष्टाचार पर अंतिम प्रहार: अधिकारियों का मानना है कि इस मॉडल को बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल करेंसी से जोड़ने से भुगतान की प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी, राशन की कालाबाजारी और भ्रष्टाचार पर 100% रोक लगेगी और सही लाभार्थी तक सटीक मात्रा में अनाज पहुंच सकेगा।






