NEET-UG: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की शुचिता और छात्रों के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पूरी तरह गंभीर और मुस्तैद है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर इस मामले की कमान संभालते ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस पूरे रैकेट को ध्वस्त करने के लिए अपनी जांच की रफ्तार कई गुना बढ़ा दी है।
सीबीआई की विशेष टीमों ने तफ्तीश की कड़ियों को जोड़ते हुए महाराष्ट्र से दो और बड़े और रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनमें लातूर का एक नामचीन डॉक्टर और पुणे की एक प्रतिष्ठित मेडिकल कोचिंग का फिजिक्स टीचर शामिल है। इन दो नई गिरफ्तारियों के साथ ही इस पूरे सिंडिकेट और रैकेट में दबोचे गए मास्टरमाइंड्स की कुल संख्या बढ़कर अब 13 हो गई है।
सीबीआई की रडार पर आए दो नए आरोपी: जानिए क्या है इनका काला चिट्ठा
सीबीआई द्वारा कोर्ट और जांच डायरी के आधार पर दी गई जानकारी के अनुसार, पकड़े गए दोनों आरोपियों का इस पेपर लीक नेटवर्क में बेहद अहम रोल था:
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डॉ. मनोज शिरुरे (लातूर): पेशे से डॉक्टर मनोज शिरुरे पर आरोप है कि उसने तीन चुनिंदा छात्रों तक केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के लीक सवाल पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। जांच के मुताबिक, शिरुरे ने ये लीक प्रश्न सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की टीम से जुड़े मुख्य आरोपी पी वी कुलकर्णी से हासिल किए थे। इस आरोपी पर आरसीसी (RCC) कोचिंग के मालिक के बेटे तक भी पेपर पहुंचाने का गंभीर आरोप है।
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तेजस हर्षद कुमार शाह (पुणे): पुणे से गिरफ्तार तेजस हर्षद कुमार शाह वहां की नामचीन ‘डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी’ (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी (शिक्षक) है। जांच में सामने आया है कि शाह को फिजिक्स के लीक सवाल पहले से ही सीबीआई की कस्टडी में मौजूद एनटीए एक्सपर्ट मनीषा हवालदार के जरिए मिले थे।
NEET-UG: देशभर में 49 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी; लैपटॉप, मोबाइल और नकदी जब्त
छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के कड़े रुख के बाद सीबीआई की कई विशेष टीमें पूरे देश में जाल बिछाए हुए हैं। जांच एजेंसी ने अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में एक साथ समानांतर कार्रवाई की है:
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छापेमारी के प्रमुख केंद्र: सीबीआई ने अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर (अहमदनगर) समेत देश भर में 49 संदिग्ध ठिकानों पर सघन छापेमारी की है।
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अहम डिजिटल सबूत हाथ लगे: इस व्यापक सर्च ऑपरेशन के दौरान सीबीआई को भारी मात्रा में नकदी, कई संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य के रूप में लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल फोन हाथ लगे हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
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आमने-सामने बिठाकर होगी पूछताछ; 21 जून 2026 को दोबारा होगी परीक्षा
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों नए आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दिल्ली लाया जा रहा है। यहां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम और महाराष्ट्र के पूरे नेटवर्क के गुर्गों को आमने-सामने बिठाकर (Cross Examination) पूछताछ की जाएगी, ताकि इस साजिश की अंतिम तह तक पहुंचा जा सके।
छात्रों के हित में सरकार का बड़ा फैसला: लाखों योग्य और होनहार मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य और उनके भरोसे को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ आगामी 21 जून 2026 को नीट-यूजी की परीक्षा दोबारा (Re-examination) आयोजित कराने का निर्णय लिया है। सरकार का स्पष्ट विजन है कि किसी भी स्तर पर मेधावी छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।






