Weather Today: देश के मैदानी और मध्य हिस्सों में सूरज के तीखे तेवर और भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में आगामी 4 से 5 दिनों तक भीषण लू (Heatwave to Severe Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा पूर्वी भारत और उससे सटे प्रायद्वीपीय हिस्सों में भी अगले 3 से 4 दिनों तक झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
हालांकि, तपती गर्मी और ‘लू’ के थपेड़ों से परेशान नागरिकों के लिए राहत की एक खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 मई 2026 से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को हीटवेव से बड़ी राहत मिल सकती है।
29 मई से बदलेगा मौसम का मिजाज; राजस्थान को छोड़कर हर जगह राहत
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और वायुमंडलीय बदलावों के चलते मई के आखिरी दिनों में मौसम करवट लेगा:
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तापमान में आएगी गिरावट: आगामी 29 मई से मध्य भारत, उत्तर प्रायद्वीपीय भारत, पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों (दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब) में लू का असर काफी कम हो जाएगा और तापमान में गिरावट आएगी।
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राजस्थान में जारी रहेगा असर: राहत की इस वेदर रिपोर्ट के बीच मौसम विभाग ने साफ किया है कि राजस्थान के कुछ हिस्सों में 29 मई के बाद भी भीषण गर्मी और हीटवेव का दौर जारी रह सकता है, इसलिए वहां के नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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Weather Today: एक तरफ ‘लू’ तो दूसरी तरफ ‘आफत की बारिश’
जहां देश का एक बड़ा हिस्सा पानी और छांव की तलाश में है, वहीं देश के कुछ राज्यों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:
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पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश: आईसीएमआर और आईएमडी के इनपुट के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) के राज्यों में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है।
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दक्षिण भारत में प्री-मानसून की दस्तक: केरल और तमिलनाडु में भी मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती हलचल के कारण दक्षिण भारत के इन तटीय इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं।







