NEET Paper Leak : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर से मशहूर आरसीसी (Renukai Chemistry Classes) के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से पूरे देश के कोचिंग जगत और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। सीबीआई की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पेपर लीक करने वाले रैकेट और बड़े कोचिंग माफियाओं के बीच साठगांठ बहुत गहरी थी।
आरोपी के पास परीक्षा से पहले ही था पेपर
जांच एजेंसी के मुताबिक, नीट पेपर लीक मामले में यह अब तक की 10वीं बड़ी गिरफ्तारी है। CBI का दावा है कि आरोपी शिवराज मोटेगांवकर इस पूरे पेपर लीक गैंग का एक बेहद सक्रिय सदस्य रहा है। उसने परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर (आंसर की) हासिल कर लिए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि 23 अप्रैल को ही आरोपी के पास यह पेपर आ गया था, जिसके बाद इसे कई अन्य लोगों और छात्रों तक पहुंचाया गया।
मॉक टेस्ट के सवालों ने खोली पोल
इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा आरसीसी कोचिंग सेंटर के मॉक टेस्ट को लेकर हुआ है। CBI को मिले पुख्ता सबूतों के अनुसार, परीक्षा से पहले इस कोचिंग में जो मॉक टेस्ट कराए गए थे, उनके कई सवाल असली NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कोचिंग संचालक खुद छात्रों से यह पूछता हुआ दिखाई दे रहा है कि “मॉक टेस्ट के कितने सवाल असली पेपर में आए?” सीबीआई अब इस वीडियो और जब्त किए गए लैपटॉप-इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच कर रही है।
100 करोड़ का है कोचिंग साम्राज्य
आपको बता दें कि रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) कोई छोटा-मोटा संस्थान नहीं है। इसका नेटवर्क महाराष्ट्र के सात अलग-अलग जिलों में फैला हुआ है और इसका सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपये का है। CBI अब इस कोचिंग सेंटर और पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के बीच के कनेक्शन को भी खंगाल रही है।
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