Pakistan Blast: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। मंगलवार की दोपहर जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी एक जोरदार धमाके ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। खैबर पख्तूनख्वा ब्लास्ट की यह घटना लक्की मारवत जिले के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई है। इस हमले ने न केवल आम जनता को डरा दिया है, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के दावों की पोल भी खोल दी है। राज्य में बढ़ती आतंकी घटनाएं अब सरकार के लिए गले की हड्डी बनती जा रही हैं।
धमाके की भयावह तस्वीर
भीड़भाड़ वाले बाजार में हुए इस हमले ने चारों तरफ चीख-पुकार मचा दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की दुकानों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने एक लोडर रिक्शा का इस्तेमाल किया था, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाया गया था। जैसे ही यह रिक्शा बाजार के व्यस्त हिस्से में पहुंचा, इसमें धमाका कर दिया गया।खैबर पख्तूनख्वा ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें ड्यूटी पर तैनात दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
अस्पतालों में बढ़ती भीड़ और खौफ
विस्फोट के तुरंत बाद बचाव दल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और घायलों को पास के नौरंग अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के गलियारों में अपनों की तलाश करते लोगों की भीड़ और घायलों की कराह साफ़ बयां कर रही है कि स्थिति कितनी गंभीर है। अधिकारियों का कहना है कि 23 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। खैबर पख्तूनख्वा ब्लास्ट के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में रक्तदान के लिए अस्पताल पहुंचे हैं, जो इस दुख की घड़ी में एकजुटता को दर्शाता है।

सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। मौके से सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश के पीछे किस गुट का हाथ है। Blast के तुरंत बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सीमा पार से बढ़ता तनाव
पाकिस्तान सरकार और सेना का मानना है कि इन हमलों के तार सीमा पार अफगानिस्तान से जुड़े हो सकते हैं। हाल ही में बन्नू में हुए हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगान दूतावास के अधिकारी को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। पाकिस्तान का दावा है कि उसकी धरती पर होने वाले हमलों की साजिश पड़ोसी देश में रची जा रही है। खैबर पख्तूनख्वा ब्लास्ट ने इस तनाव को और हवा दे दी है, क्योंकि सेना प्रमुख आसिम मुनीर के लिए आतंकवाद से निपटना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यह भी पढ़ें: RPSC ने रद्द की SI भर्ती परीक्षा-2021, अब सितंबर में होगा दोबारा एग्जाम; जानें क्या हैं नई शर्तें