Srinagar: जम्मू-कश्मीर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा बलों को फिर से सतर्क कर दिया है। कश्मीर घाटी की शांति को भंग करने की कोशिशों के बीच, श्रीनगर में पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को वक्त रहते नाकाम कर दिया है। बताया जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो आतंकी सहयोगियों को हथियारों के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है। अगर ये समय पर गिरफ्तार न होते, तो शहर में कोई बड़ी वारदात हो सकती थी। आइए जानते हैं कि आखिर पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया।
नाकेबंदी और फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
यह पूरी कार्रवाई श्रीनगर के बाबाडेम्ब इलाके में हुई। पुलिस को पहले से ही खुफिया जानकारी मिली थी कि शहर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां होने वाली हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में नाका लगाया और आने-जाने वालों की चेकिंग शुरू कर दी। तभी एक काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की। लेकिन सतर्क जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही धर दबोचा।
भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी
पकड़े गए इन युवकों की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। इनके पास से एक घातक पिस्तौल, तीन मैगजीन और 21 कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा, श्रीनगर पुलिस को उनके पास से लश्कर-ए-तैयबा के 10 आपत्तिजनक पोस्टर और मोबाइल फोन भी मिले हैं। बरामद किए गए इन सामानों से साफ पता चलता है कि ये किसी छोटी-मोटी चोरी के इरादे से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमले की फिराक में थे। पुलिस ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।

टारगेट किलिंग का था बड़ा प्लान
गिरफ्तारी के बाद हुई शुरुआती पूछताछ में इन दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने माना कि वे प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कबूल किया कि वे आने वाले दिनों में श्रीनगर के अंदर किसी बड़ी ‘टारगेट किलिंग’ को अंजाम देने वाले थे। पकड़े गए आतंकियों की पहचान फैसल अहमद बट और फैसल अहमद गुरू के रूप में हुई है, जो इसी शहर के रहने वाले हैं। स्थानीय युवकों का इस तरह आतंकी गतिविधियों में शामिल होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त
इस घटना के बाद से पूरे श्रीनगर में सुरक्षा के इंतजाम और भी पुख्ता कर दिए गए हैं। जगह-जगह सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि वे इस नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत पास के पुलिस स्टेशन में दें।
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