यूपी की राजनीति में इन दिनों वार-पलटवार का दौर जारी है। ताजा मामला Azamgarh से जुड़ा है, जहां एक निजी अस्पताल में सपा विधायक के गनर की एक हरकत ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पंचायत चुनाव को लेकर जारी कानूनी प्रक्रिया और सियासी बयानबाजी के बीच प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को आजमगढ़ के अतरौलिया विधानसभा के निरीक्षण भवन में जनसुनवाई के दौरान मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है और अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, Azamgarh के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में समाजवादी पार्टी के एक विधायक के गनर द्वारा अवैध असलहा लहराने की खबर सामने आई। जैसे ही इस घटना का वीडियो और जानकारी बाहर आई, प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। एक संवेदनशील जगह जैसे अस्पताल में इस तरह का व्यवहार सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है।
ओमप्रकाश राजभर का तीखा हमला
इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि Azamgarh की यह घटना सपा की पुरानी कार्यशैली को दर्शाती है। राजभर का आरोप है कि सपा हमेशा से ऐसे लोगों को संरक्षण देती आई है जो कानून को अपने हाथ में लेते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में गनर के साथ-साथ विधायक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

पंचायत चुनाव पर सरकार का रुख
बातचीत के दौरान राजभर ने Azamgarh और पूरे प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। चूंकि मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए सरकार अदालत के हर निर्देश का पालन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग का मंत्री होने के नाते उन्हें जमीनी हकीकत का पूरा पता है।
Azamgarh में हुई इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर बहस छेड़ दी है। अस्पताल में मरीज और उनके परिजन पहले से ही परेशान होते हैं, ऐसे में सुरक्षाकर्मी का यह बर्ताव डर का माहौल पैदा करता है।
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