युवराज सिंह का दोटूक अंदाज: ‘यूपी में हैं तो हिंदी में ही होगी बात’

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लखनऊ। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज और तीन बार के विश्व कप विजेता युवराज सिंह अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में नजर आए। उत्तर प्रदेश के दौरे पर पहुंचे युवराज से जब एक सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही देसी और स्वाभिमानी लहजे में उत्तर दिया। युवराज ने स्पष्ट कहा कि पहली बात तो यह है कि वह तीन बार के वर्ल्ड कप विनर हैं और चूंकि वह इस समय उत्तर प्रदेश में हैं, इसलिए वह हिंदी में ही बात करना पसंद करेंगे। उनके इस बयान ने वहां मौजूद प्रशंसकों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर भी उनकी खूब सराहना हो रही है।
युवराज सिंह ने इस दौरान उभरते हुए खिलाड़ियों के संघर्ष पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अक्सर लोगों को लगता है कि बच्चे खुद-ब-खुद सब कुछ कर लेते हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा बिना सही सपोर्ट के आगे नहीं बढ़ पाता। युवराज के अनुसार, एक बच्चे के सपने को सच करना बहुत बड़ी बात होती है क्योंकि बहुत से होनहार बच्चे केवल इसलिए क्रिकेट छोड़ देते हैं क्योंकि उनके पास अपनी क्रिकेट किट तक खरीदने के पैसे नहीं होते। उन्होंने साझा किया कि अब वह अपनी क्रिकेट एकेडमी के माध्यम से ऐसे बच्चों को तराशने और उन्हें खेल की बारीकियां सिखाने का काम कर रहे हैं।
यूपी की खेल सुविधाओं पर युवराज की चिंता: ‘महान फैसिलिटी अब भी नहीं
प्रदेश में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए युवराज सिंह ने कुछ कड़वे सच भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब उत्तर प्रदेश से 5-5 खिलाड़ी एक साथ टीम इंडिया के लिए खेलते थे, जबकि उस समय यहां कोई बहुत ‘महान’ खेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। युवराज ने तंज कसते हुए और जमीनी हकीकत बताते हुए कहा कि दुर्भाग्य से वैसी बड़ी सुविधाएं अब भी यहां पर्याप्त मात्रा में नजर नहीं आतीं। उन्होंने खिलाड़ियों के पुराने संघर्षों को याद किया और बताया कि जब वह साथियों के साथ खेलते थे, तो कई खिलाड़ियों के पास अपनी किट तक नहीं होती थी और वे सामान की भारी किल्लत से जूझते थे।
युवराज ने जम्मू-कश्मीर की टीम का उदाहरण देते हुए उनकी सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस बार की रणजी मैच विनर बनी है, जो यह दर्शाता है कि सुविधाओं के अभाव के बावजूद प्रतिभा रास्ता खोज लेती है। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें बखूबी पता है कि उस समय खिलाड़ियों को खेल का सामान जुटाने में कितनी मशक्कत करनी पड़ती थी। युवराज का मानना है कि यदि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के और भी बेहतरीन सितारे निकल सकते हैं।

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