West Bengal के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार (28 मई 2026) को नादिया जिले के मायापुर स्थित विश्व प्रसिद्ध इस्कॉन (ISKCON) मंदिर का दौरा किया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने निरंतर आध्यात्मिक दौरों के तहत उन्होंने यहां ‘गौ पूजा’ की और राज्य की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
इस आध्यात्मिक दौरे के बीच, मुख्यमंत्री ने भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार द्वारा उठाए गए एक बेहद बड़े और कड़े रणनीतिक कदम की भी जानकारी साझा की। West Bengal सरकार ने सीमा पर फेंसिंग और चौकियों के निर्माण के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भारी मात्रा में जमीन हस्तांतरित की है।
शपथ लेने के बाद जारी हैं आध्यात्मिक दौरे: मुख्यमंत्री
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इस्कॉन ने किया स्वागत: मुख्यमंत्री के मायापुर आगमन पर इस्कॉन के ट्रस्टी और कंट्री डायरेक्टर ऑफ कम्युनिकेशंस, युधिष्ठिर गोविंद दास ने उनका भव्य स्वागत किया।
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संस्थान से पुराना नाता: युधिष्ठिर गोविंद दास ने मुख्यमंत्री के जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी बहुत लंबे समय से इस संस्थान के शुभचिंतक और भक्त रहे हैं। हमें इस बात की बेहद खुशी है कि मुख्यमंत्री बनने के एक महीने के भीतर ही वे आज हमारे बीच यहां उपस्थित हुए हैं।”
सीमा सुरक्षा होगी अभेद्य: BSF को दी गई 142.79 एकड़ भूमि
इससे पहले, बुधवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने West Bengal की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर जानकारी दी कि West Bengal सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए BSF चौकियों के निर्माण और कटीले तारों (Barbed-Wire Fencing) की फेंसिंग के काम में तेजी ला दी है।
Govt of WB has initiated intensified measures to strengthen Border Security by facilitating construction of BSF Outposts & Barbed-Wire Fencing, further enhancing security in the Border areas.
Additional land has now been handed over to BSF, taking the total tally to 142.79 acres. pic.twitter.com/VutOsdOunH— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 27, 2026
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जमीन का हस्तांतरण: सीमा सुरक्षा को धार देने के लिए राज्य सरकार द्वारा BSF को अतिरिक्त भूमि सौंप दी गई है, जिसके बाद अब कुल हस्तांतरित भूमि का आंकड़ा 142.79 एकड़ तक पहुंच गया है।
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घुसपैठ पर लगेगी लगाम: कटीले तारों की फेंसिंग और नई चौकियों के बनने से सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों और घुसपैठ पर कड़ाई से लगाम कसी जा सकेगी।
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9 जिलों में भूमि का आवंटन: मुर्शिदाबाद और जलपाईगुड़ी सबसे आगे
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह 142.79 एकड़ भूमि West Bengal के 9 महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिलों में वितरित की गई है। इसमें सबसे ज्यादा जमीन मुर्शिदाबाद और जलपाईगुड़ी जिलों में दी गई है:
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मुर्शिदाबाद: 38.805 एकड़ (सबसे अधिक आवंटन)
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जलपाईगुड़ी: 35.165 एकड़
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कूचबिहार: 22.95 एकड़
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दक्षिण दिनाजपुर: 20.1701 एकड़
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मालदा: 10.90 एकड़
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दार्जिलिंग: 8.815 एकड़
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उत्तर 24 परगना: 2.6 एकड़
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उत्तर दिनाजपुर: 2.84 एकड़
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नादिया: 0.55 एकड़
West Bengal सरकार के इस बड़े कदम को आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं।






