Vande Mataram : पूरा देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के साथ ही सेना की 1721 फील्ड बैटरी द्वारा स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने आसमान से फूलों की वर्षा की।
राजघाट पर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। राजघाट से पीएम मोदी सीधे लाल किला पहुंचे, जहां रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर रचा गया इतिहास
इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक और यादगार रहा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लाल किले से पहली बार इसका सामूहिक गायन किया गया। इस खास पल को और भव्य बनाने के लिए प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर सेना, नौसेना, वायुसेना के कैडेट्स और ‘मेरा भारत’ के करीब 2,500 युवाओं ने मिलकर ‘वंदे मातरम’ की एक विशाल और खूबसूरत मानव आकृति बनाई।
‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ पर केंद्रित रहा समारोह
इस वर्ष के समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ और ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य को रेखांकित किया और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। समारोह के दौरान देश की सांस्कृतिक विविधता, एकता और आत्मनिर्भर भारत की नई झलक देखने को मिली।







