UP STF ATS Action : उत्तर प्रदेश में शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। यूपी पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर ले जाने और हिंसक गतिविधियों के लिए तैयार करने वाले नेटवर्क की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान 12 मुकदमे दर्ज किए गए और 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक क्या है पूरा मामला?
यूपी पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टर और कथित आतंकी हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय युवाओं से संपर्क किया जाता था और बाद में उन्हें कट्टरपंथी विचारों की तरफ धकेलने की कोशिश की जाती थी।
इस मामले में पुलिस ने कई जिलों में कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी देखी जा रही है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यूपी एसटीएफ और एटीएस ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, जांच में शहजाद भट्टी के अलावा उसके संपर्क में बताए जा रहे कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें आबिद जट्ट, हम्माद मेमन उर्फ हम्माद बरकाती, जावेद पाकिस्तानी, रजा भाई, अजमल गुर्जर, राशिद भट्टी और राणा हुनैन समेत कई नाम शामिल हैं।
अधिकारियों का आरोप है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल युवाओं को जोड़ने और उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथी गतिविधियों की तरफ ले जाने के लिए किया जा रहा था।
सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का आरोप
पुलिस का कहना है कि नेटवर्क का कथित मकसद सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाना था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, धार्मिक नेताओं, राजनीतिक लोगों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की साजिश से जुड़े इनपुट भी मिले। पुलिस ने यह भी दावा किया कि बीजेपी-आरएसएस कार्यालयों, थानों और दूसरे संवेदनशील ठिकानों पर हमले की योजना बनाई जा रही थी। इन आरोपों की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध सामान भी बरामद किया है।
छोटी वारदातों से आगे बढ़ाने का आरोप
एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक, नेटवर्क से जुड़ने वाले युवाओं को शुरुआत में छोटी घटनाओं के जरिए तैयार किया जाता था। इनमें कथित तौर पर रेकी, आगजनी और आपत्तिजनक पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियां शामिल थीं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह की गतिविधियों के बाद युवाओं को बड़ी हिंसक घटनाओं के लिए इस्तेमाल करने की योजना थी।
यूपी पुलिस के अनुसार, 26 मई से शुरू किए गए अभियान में करीब 175 संदिग्ध लोगों की जांच की गई। इसके बाद 12 मुकदमे दर्ज हुए और 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से पिस्तौल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ और आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए गए हैं। अलग-अलग मामलों में भारतीय न्याय संहिता, यूएपीए, शस्त्र अधिनियम, शासकीय गुप्त बात अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं।
गृह मंत्रालय को भी भेजी गई जानकारी
यूपी पुलिस ने शहजाद भट्टी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों को आतंकवादी घोषित करने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से पहले चलाए गए एक संयुक्त अभियान में करीब 62 संदिग्ध लोगों को चिह्नित कर पूछताछ की गई। फिलहाल एजेंसियां नेटवर्क की पूरी कड़ी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
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