UP Outsourced Employees : उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों में काम करने वाले 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार ने इन कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। नई दरें 2 सितंबर 2026 से लागू होंगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को सितंबर महीने का एरियर भी मिलेगा। प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान की ओर से सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की चार श्रेणियां बनाकर उनके लिए अलग-अलग मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।
शासनादेश के मुताबिक, श्रेणी-1 के कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक 39 हजार रुपये तय किया गया है। इस श्रेणी में ईपीएफ और ईएसआई की कटौती नहीं होगी। वहीं, बाकी तीन श्रेणियों के कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद निर्धारित राशि मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत श्रेणी-2 के कर्मचारियों को 19,148.76 रुपये, श्रेणी-3 को 16,999.64 रुपये और श्रेणी-4 को 15,396.14 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। श्रेणी-1 को छोड़कर अन्य तीन श्रेणियों के पारिश्रमिक में करीब डेढ़ गुने तक की बढ़ोतरी की गई है।
नवंबर में अक्टूबर की सैलरी के साथ मिलेगा सितंबर का एरियर
सरकार के आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर महीने के पारिश्रमिक के साथ सितंबर का एरियर भी दिया जाएगा। चूंकि नई दरें 2 सितंबर 2026 से लागू की गई हैं, इसलिए कर्मचारियों को इस अवधि का बकाया भुगतान भी मिलेगा।
हालांकि, जिन आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले से ही नई निर्धारित दरों से अधिक पारिश्रमिक मिल रहा है, उनके भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे कर्मचारियों को पहले की तरह ही अधिक राशि मिलती रहेगी।
कितना मिलेगा मासिक पारिश्रमिक?
शासनादेश में चारों श्रेणियों के लिए कुल मासिक पारिश्रमिक और कटौती का विवरण भी दिया गया है।
- श्रेणी-1: कुल 39,000 रुपये। ईपीएफ और ईएसआई की कटौती नहीं होगी।
- श्रेणी-2: कुल 21,947 रुपये। ईपीएफ के 2,633.64 रुपये और ईएसआई के 160.60 रुपये की कटौती के बाद निर्धारित भुगतान 19,148.76 रुपये होगा।
- श्रेणी-3: कुल 19,446 रुपये। ईपीएफ के 2,333.22 रुपये और ईएसआई के 145.85 रुपये की कटौती के बाद 16,999.64 रुपये मिलेंगे।
- श्रेणी-4: कुल 17,646 रुपये। ईपीएफ के 2,117.52 रुपये और ईएसआई के 132.35 रुपये की कटौती के बाद 15,396.14 रुपये मिलेंगे।
ईपीएफ-ईएसआई और जीएसटी का खर्च उठाएगी सरकार
सरकार कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती के अलावा नियोक्ता की ओर से जमा किए जाने वाले ईपीएफ और ईएसआई के अंशदान का भुगतान भी करेगी। इसके साथ ही सभी श्रेणियों पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी का खर्च भी सरकार उठाएगी।
सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज का भुगतान भी सरकार की ओर से किया जाएगा। शासनादेश के अनुसार, ईपीएफ और ईएसआई में कर्मचारी तथा नियोक्ता के अंशदान को मिलाकर कर्मचारियों को घोषित श्रेणीवार पारिश्रमिक से अतिरिक्त लाभ मिलेगा। प्रमुख सचिव मनीष चौहान के मुताबिक, ईपीएफ में जमा होने वाली राशि भविष्य में कर्मचारियों को ही मिलेगी। इसके अलावा सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
सरकार के इस आदेश से उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को फायदा होगा। नई दरें 2 सितंबर 2026 से लागू होने के कारण कर्मचारियों को सितंबर का एरियर भी नवंबर में मिलने वाले भुगतान के साथ दिया जाएगा।
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