UP-MP ATS big action: Saharanpur से ISI का संदिग्ध Naeem गिरफ्तार। DD News UP

UP-MP ATS big action

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UP-MP ATS big action: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की पुलिस को आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दोनों राज्यों के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर उत्तर प्रदेश के Saharanpur जिले से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को दबोचा है। इस गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।

आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है, सुरक्षा एजेंसियों ने इसे कैसे अंजाम दिया और देश के खिलाफ क्या बड़ी साजिश रची जा रही थी।

UP-MP ATS संयुक्त अभियान में Saharanpur के देवबंद से हुई संदिग्ध की गिरफ्तारी

सुरक्षा एजेंसियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यूपी ATS और एमपी ATS के इस संयुक्त अभियान में पकड़े गए संदिग्ध की पहचान Naeem abdullah के रूप में हुई है, जो Saharanpur जिले के देवबंद का रहने वाला है। नईम के बारे में बताया जा रहा है कि उसके तार सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हुए थे।

जब ATS की टीम ने नईम को घेराबंदी करके दबोचा, तो उसके पास से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत और कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुईं। इन सामग्रियों में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज और प्रतिबंधित वीडियो शामिल हैं। नईम की गिरफ्तारी इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है।

Bhopal से पकड़ा गया साथी मोहम्मद फराज

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल से 34 वर्षीय मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्ला नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया। फराज पर आरोप है कि वह लंबे समय से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) के सीधे संपर्क में था।

एटीएस की कड़ी पूछताछ के सामने फराज ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने कबूल किया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया कि भोपाल का रहने वाला फराज पिछले 5-6 सालों से सहारनपुर के नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था। नईम ने ही फराज का परिचय पाकिस्तानी हैंडलर से करवाया था, जिसके बाद फराज पूरी तरह इस देश विरोधी नेटवर्क का हिस्सा बन गया। फराज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूएपीए (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह भी पढ़ें: Azamgarh Madarsa Fraud Case: Madarsa घोटाले का भंडाफोड़, EOW की जांच के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार। DD News UP

जांच में सामने आया ‘मिशन 2047’ और ‘टारगेट किलिंग’ का खौफनाक प्लान

मध्य प्रदेश एटीएस ने इस नेटवर्क के खतरनाक मंसूबों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में फराज ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे बकायदा जिहाद में शामिल होने और लोकतांत्रिक शासन को उखाड़ फेंकने की शपथ दिलाई थी। पाकिस्तानी आकाओं का कहना था कि उन्होंने कई लड़कों को तैयार कर लिया है और अब भारत में शरिया कानून लागू करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी करनी होगी।

इस ग्रुप का मुख्य उद्देश्य देश में डर का माहौल पैदा करना और सही समय आने पर ‘टारगेट किलिंग’ यानी चुनिंदा लोगों की हत्याओं को अंजाम देना था। इसके लिए सभी जुड़े हुए लड़कों को अपना पासपोर्ट तैयार रखने को कहा गया था, ताकि मौका मिलते ही वे किसी दूसरे देश के रास्ते पाकिस्तान पहुंचकर मुजाहिदीन की ट्रेनिंग ले सकें। फराज ने खुद भी अपना पासपोर्ट बनवा लिया था।

हैंडलर्स इन युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए ‘इंडियन मुजाहिदीन’ के लड़ाकों की ट्रेनिंग के वीडियो भेजते थे। इसके अलावा, इनका मकसद प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (PFI) के ‘मिशन 2047’ के एजेंडे को आगे बढ़ाना भी था। साजिश यह थी कि हर लड़ाके के पास हथियार हो, ताकि जैसे ही पाकिस्तान से हुक्म मिले, पूरे देश में एक साथ हमला कर भारतीय शासन व्यवस्था को चुनौती दी जा सके।

इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि देश को अस्थिर करने की साजिशें सीमा पार से लगातार रची जा रही हैं। हालांकि, यूपी एटीएस और एमपी पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया है। नईम की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है, ताकि इस पूरे नेक्सस को जड़ से खत्म किया जा सके।

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