UP-Japan Investment Meet 2026: उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना अब तेजी से हकीकत में बदल रहा है। राज्य में बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और उद्योगों का जाल जिस रफ्तार से बिछ रहा है, उसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में आयोजित हुए एक बड़े मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की इस आर्थिक प्रगति का पूरा लेखा-जोखा देश और दुनिया के सामने रखा।
UP-Japan Investment Meet 2026
18 से 23 अगस्त तक आयोजित हो रहे इस खास आयोजन में 200 से अधिक जापानी उद्योगपति, कारोबारी और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन का मकसद उत्तर प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक संबंधों को मजबूत करना है। भारत और जापान का द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 27.5 अरब डॉलर के आसपास पहुंच चुका है, और अब यह साझेदारी राज्यों के स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रही है।

CM Yogi Adityanath का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते नौ वर्षों में राज्य के बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी भी तीन गुना से अधिक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूपी में है। राज्य में 17 हवाई अड्डे, विशाल रेलवे नेटवर्क, मेट्रो, एक्सप्रेसवे और अंतर्देशीय जलमार्ग जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
UP Economy 1 Trillion Dollar
प्रदेश को बड़ी आर्थिक ताकत बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जापानी तकनीक को भारतीय किसानों तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसी आधुनिक मशीनरी और तकनीक विकसित होनी चाहिए, जिससे छोटे किसानों की उत्पादन लागत घटे और उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके। कुल मिलाकर, यह साझेदारी प्रदेश के विकास को एक नई दिशा दे रही है।







