उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) के 36वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की उपलब्धियों का उद्घाटन किया। पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अराजकता और जातीय राजनीति से बाहर निकलकर सुरक्षा, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए आयाम स्थापित किए हैं।
मजबूत शासन के तहत यूपी का रूपांतरण
मुख्यमंत्री योगी ने अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ “जीरो टालरेंस नीति” का महत्व बताया, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया बल्कि उत्तर प्रदेश को सुरक्षा और शासन के मामले में मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल ₹45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, जिनमें से ₹15 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतर चुका है।
मुख्य निवेश और औद्योगिक विकास
GIDA स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने 115 भूखंडों में से पांच निवेशकों को ₹6,139 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के लिए आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे। महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हैं:
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लखनऊ में फ्लैटेड फैक्ट्री (₹34 करोड़)
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गोरखपुर में ODOP पैकेजिंग CFC (₹3.91 करोड़)
साथ ही, उद्यमियों को प्रोत्साहन और ऋण राशि का वितरण किया गया। गीडा में ₹408 करोड़ के 114 विकास कार्यों का लोकार्पण और तीन दिवसीय यूपी स्टेट ट्रेड शो का उद्घाटन भी हुआ।
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रोजगार सृजन और अवसंरचना विकास
₹15 लाख करोड़ के निवेश से प्रदेश में 1.5 करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क, व्यापक रेल नेटवर्क, अनेक एयरपोर्ट और बड़े मेट्रो शहरों वाला राज्य बन चुका है। प्रदेश में भारत की पहली रैपिड रेल और इनलैंड वाटरवे जैसी परियोजनाएँ भी शामिल हैं।
गोरखपुर: औद्योगिक केंद्र के रूप में
गोरखपुर में रिलायंस समूह जल्द ही धुरियापार में कैंपा ब्रांड की यूनिट शुरू करने जा रहा है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि यूपी की पहचान अब माफिया से नहीं, बल्कि माफिया को कुचलने वाले बुलडोजर से है।







