Punjab Blast : पंजाब में मंगलवार की रात दहशत भरी रही, जहाँ जालंधर और अमृतसर में कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो अलग-अलग धमाकों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पहली घटना जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर हुई, जबकि दूसरी घटना अमृतसर के खासा इलाके में स्थित सेना के कैंप के पास दर्ज की गई। इन धमाकों के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। विशेष रूप से खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) द्वारा इसकी जिम्मेदारी लेने की खबरों ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
जालंधर: BSF चौक पर स्कूटी में विस्फोट
रात करीब 8:15 बजे जालंधर के व्यस्ततम इलाकों में से एक ‘BSF चौक’ पर एक जोरदार धमाका हुआ। यह स्थान मुख्य शहर को अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे से जोड़ता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्यालय के गेट के पास खड़ी एक स्कूटी में अचानक धमाका हुआ और वह आग की लपटों में घिर गई। गनीमत यह रही कि उस समय वहां से कोई गुजर नहीं रहा था, जिससे जान-माल का नुकसान टल गया। जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह स्कूटी वहां काम करने वाले एक व्यक्ति की बताई जा रही है, लेकिन धमाके की तीव्रता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
अमृतसर: आर्मी कैंप के पास जोरदार धमाका
जालंधर की घटना के अभी दो घंटे ही बीते थे कि रात करीब 10:30 बजे अमृतसर के खासा स्थित आर्मी कैंप के पास एक और धमाका हुआ। स्थानीय निवासियों का दावा है कि धमाके की गूंज करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और इसकी तीव्रता से कैंप की दीवारें तक हिल गईं। सेना और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीमों ने तुरंत इलाके को सील कर दिया। फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि विस्फोटकों की प्रकृति का पता लगाया जा सके।

KLA ने ली जिम्मेदारी: बदले की कार्रवाई का दावा
इन घटनाओं के बीच ‘खालिस्तान लिबरेशन आर्मी’ (KLA) की ओर से एक कथित पत्र सामने आया है, जिसमें इन धमाकों की जिम्मेदारी ली गई है। पत्र के अनुसार, ये आईईडी (IED) ब्लास्ट फरवरी में गुरदासपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए रणजीत सिंह की मौत का बदला लेने के लिए किए गए हैं। रणजीत सिंह पर एक एएसआई और एक होम गार्ड की हत्या का आरोप था। इस एंगल के सामने आने के बाद केंद्रीय एजेंसियां और पंजाब इंटेलिजेंस विंग बेहद सक्रिय हो गए हैं।
जांच और सुरक्षा के प्रमुख बिंदु
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फोरेंसिक जांच: बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीमें घटनास्थल से मिले अवशेषों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि किस तरह के केमिकल या विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस मुख्यालय और आसपास के नेशनल हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
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हाई अलर्ट: दोनों शहरों के संवेदनशील इलाकों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बॉर्डर बेल्ट में भी गश्त बढ़ा दी गई है।
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नेटवर्क की तलाश: एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन दोनों धमाकों के पीछे एक ही स्लीपर सेल का हाथ है।
पंजाब पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा मानकर चल रही हैं।







