UP Flood News : उत्तर प्रदेश के महराजगंज या कुशीनगर जिले के आसपास रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तराई के इलाकों में आफत ला दी है। नेपाल की ओर से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी की वजह से नारायणी नदी पूरे उफान पर आ गई है।
पानी का बहाव इतना तेज है कि सीमावर्ती गांवों में पानी घुस चुका है और कई इलाकों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया है। आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि इस वक्त जमीनी हालात कैसे हैं और प्रशासन क्या कदम उठा रहा है।
महराजगंज और सोहगीबरवा क्षेत्र में घुसा बाढ़ का पानी
नेपाल से लगातार आ रहे पानी के कारण नारायणी नदी का डिस्चार्ज 3 लाख क्यूसेक से भी ऊपर पहुंच चुका है। इसका सीधा असर महराजगंज जिले के सोहगीबरवा, भोथहा और शिकारपुर जैसे निचले इलाकों पर पड़ा है।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, तीन ग्राम सभाओं के लगभग 300 से अधिक घरों में नदी का पानी भर गया है। सड़कें और रास्ते पानी में डूब चुके हैं, जिससे लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है। हालात का जायजा लेने के लिए एसडीएम और तहसीलदार खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर प्रभावित गांवों तक पहुंचे और लोगों का हाल-चाल जाना।
कुशीनगर के तटीय गांवों में गहराया संकट, पलायन करने को मजबूर लोग
केवल महराजगंज ही नहीं, बल्कि कुशीनगर जिले में भी बड़ी गंडक (नारायणी) नदी तबाही मचा रही है। खड्डा और पनियहवा क्षेत्र के दर्जनों गांव जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
मदनपुर सुकरौली, भैंसहा, लक्ष्मीपुर और भगवानपुर जैसे गांवों में पानी भरने के बाद अब लोग अपना सामान समेटकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। नेपाल के देवघाट से 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों के बीच डर का माहौल है।
राहत-बचाव कार्य शुरू, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महराजगंज और कुशीनगर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है:
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नावों की व्यवस्था: जलभराव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रभावित इलाकों में नावें लगा दी गई हैं।
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कम्युनिटी किचन व हेल्थ कैंप: बेघर हुए और प्रभावित परिवारों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था हेतु कम्युनिटी किचन और स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल कैंप शुरू कर दिए गए हैं।
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तटबंधों पर निगरानी: एडीएम और जिला स्तर के अधिकारी लगातार तटबंधों का जायजा ले रहे हैं ताकि किसी भी तरह के कटाव को तुरंत रोका जा सके। सड़कों के किनारे अस्थाई तंबू भी लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, बच्चों का ध्यान रखें और बिना किसी बेहद जरूरी काम के नदी या तटबंधों के पास बिल्कुल न जाएं।
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