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सीएम योगी समेत भाजपा नेताओं ने साधा विपक्ष पर निशाना
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महिलाओं के अधिकारों को लेकर दिखा व्यापक आक्रोश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में पारित न होने के विरोध में भाजपा द्वारा ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में हजारों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी शामिल हुए, जिन्होंने इस आंदोलन को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताया।
विपक्ष पर भाजपा का तीखा हमला
इस दौरान उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज महिलाएं सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, क्योंकि विपक्ष ने उनके अधिकारों को कुचलने का काम किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “देख सपाई बिटिया घबराई” जैसी स्थिति बन गई है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलेगा, तो विपक्षी दलों को वोट भी नहीं मिलेगा। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव Arun Singh ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने न केवल इस अधिनियम को गिराया, बल्कि सदन में इसका जश्न भी मनाया। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान का अपमान है और इसके लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों के महिला विरोधी रवैये के खिलाफ देशभर में आक्रोश है। लखनऊ का यह मार्च उसी आक्रोश का प्रतीक है। उन्होंने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और महिलाओं के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अलोकतांत्रिक बताया विपक्ष का चेहरा
कार्यक्रम के समापन पर सीएम योगी ने विपक्ष को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि प्रदेश का हर नागरिक आधी आबादी के साथ खड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अपनी छवि सुधारने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने उसका गलत इस्तेमाल किया। इस पदयात्रा ने प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दिया है कि आने वाले चुनावों में यह मुद्दा निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
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