नई दिल्ली/झाड़ग्राम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल प्रभाव एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने साबित हो गया है। पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार के बीच झाड़ग्राम में स्थानीय स्ट्रीट स्नैक “झालमुड़ी” का लुत्फ उठाते हुए प्रधानमंत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो ने न केवल व्यूज के मामले में बड़े-बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं, बल्कि एक स्थानीय बंगाली स्नैक को रातों-रात ग्लोबल सुर्खियों में ला खड़ा किया है।
डिजिटल सुनामी: व्यूज और फॉलोअर्स का नया कीर्तिमान
प्रधानमंत्री मोदी के इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट होने के महज 24 घंटों के भीतर 10 करोड़ (100 मिलियन) से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वहीं फेसबुक पर भी यह आंकड़ा तेजी से 9 करोड़ (90 मिलियन) की ओर बढ़ रहा है। यह लोकप्रियता केवल वीडियो तक सीमित नहीं रही; इसका असर गूगल सर्च पर भी दिखा। “झालमुड़ी” शब्द के लिए गूगल सर्च पिछले 22 सालों के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
डिजिटल दुनिया में पीएम मोदी की बादशाहत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा छूने वाले दुनिया के पहले नेता बन गए हैं। इसके अलावा फेसबुक पर 5.6 करोड़ और X (पूर्व में ट्विटर) पर 10.66 करोड़ फॉलोअर्स उनके हर कदम को एक वैश्विक इवेंट बना देते हैं।
झाड़ग्राम का वो पल: “दिमाग नहीं खाते, बस प्याज खाते हैं”
यह पूरा वाकया झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान हुआ। रैलियों के व्यस्त कार्यक्रम के बीच पीएम मोदी अचानक सड़क किनारे एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुक गए। वीडियो में प्रधानमंत्री को दुकानदार से बड़े ही सहज अंदाज में बंगाली में बात करते और झालमुड़ी की मांग करते देखा जा सकता है।
बातचीत के दौरान जब दुकानदार ने उनसे पूछा कि क्या वह झालमुड़ी में प्याज खाएंगे, तो प्रधानमंत्री ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया— “प्याज खाते हैं, बस किसी का दिमाग नहीं खाते।” प्रधानमंत्री का यह जवाब सुनकर दुकानदार और वहां मौजूद भीड़ हंसी से लोटपोट हो गई। अपनी सादगी का परिचय देते हुए उन्होंने दुकानदार को इस स्नैक के लिए ₹10 भी दिए। जब दुकानदार ने पैसे लेने से मना किया, तो पीएम ने जोर देकर भुगतान किया, जो उनकी पारदर्शी और साधारण जीवनशैली को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों के साथ साझा किया ‘मुरी’ का स्वाद
प्रधानमंत्री केवल खुद झालमुड़ी खाकर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने वहां जमा हुए स्थानीय लोगों और महिलाओं के साथ भी इसे साझा किया। पारंपरिक ‘मुरमुरे’ (पफ्ड राइस) से बना यह मिश्रण देखते ही देखते उस इलाके की चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया।
प्रधानमंत्री अपने विशेष पहनावे में थे—सफेद कुर्ता, गहरे नीले रंग की जैकेट और गले में लाल रंग का स्कार्फ, जिस पर बीजेपी का सफेद कमल कढ़ाई किया हुआ था। उनके चारों ओर स्थानीय महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ थी, जो इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने के लिए बेताब थे। लोगों के चेहरे पर प्रधानमंत्री को अपने बीच इतना करीब पाकर जो मुस्कान थी, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
दुकानदार की चमकी किस्मत
जिस छोटी सी दुकान पर प्रधानमंत्री रुके थे, वहां अब ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। दुकान में सजे हुए नमकीन के पैकेट और मुरी के डिब्बे अब इलाके की पहचान बन चुके हैं। दुकानदार के लिए यह किसी सपने जैसा था। पीएम मोदी ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल में चार रैलियों से भरे एक व्यस्त रविवार के बीच, झाड़ग्राम में कुछ स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लिया।”
बंगाल चुनाव और डिजिटल कनेक्टिविटी
यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए सरगर्मियां तेज हैं। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले दो चरणों के मतदान से पहले, पीएम मोदी का यह सहज और जुड़ाव वाला अंदाज मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के बीच एक गहरा संदेश छोड़ रहा है। विपक्ष जहां राजनीतिक मुद्दों पर घेराबंदी कर रहा है, वहीं पीएम मोदी अपनी “सॉफ्ट पावर” और डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए सीधे जनता के दिलों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
इस वीडियो के वायरल होने से एक बात साफ है कि राजनीति अब केवल रैलियों और भाषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल प्रभाव और आम जनता के साथ बिताए गए ऐसे छोटे-छोटे पल ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।
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