थाईलैंड में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार भारी बारिश ने 12 प्रांतों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसने लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिसके परिणामस्वरूप आई बाढ़ ने अब तक 145 लोगों की जान ले ली है। सोंगखला प्रांत में सबसे ज्यादा इस त्रासदी का असर हुआ है, जहां अकेले 110 लोगों की मौत दर्ज की गई।
भारी तबाही, बर्बाद घर, टूटे रास्ते, उलटी गाड़ियां और मलबे से पटी सड़कें ये सभी तस्वीरें बताती हैं कि इस बाढ़ ने किस हद तक जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ ने सिर्फ जनजीवन ही नहीं, बल्कि पूरे बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बिजली के खंभे गिर चुके हैं, और सैकड़ों मकान पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। पानी घटने के साथ स्थिति और भयावह होती जा रही है, क्योंकि बाढ़ उतरने पर असली नुकसान आंखों के सामने आ रहा है।
थाईलैंड के आपदा निवारण और न्यूनीकरण विभाग के अनुसार, 12 प्रांतों में 1.2 मिलियन से अधिक घर और 36 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर पानी स्तर अभी भी सामान्य से ऊपर है, जबकि कुछ क्षेत्रों में पानी उतर रहा है।
बचाव दल लगातार राहत कार्य में लगे हैं। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, रेस्क्यू टीमें उन इलाकों तक पहुंच पा रही हैं जो पहले पूरी तरह जलमग्न थे। कई रिहायशी कॉलोनियां ऐसे क्षेत्रों में स्थित थीं जहां पानी के कारण किसी तरह का संपर्क स्थापित नहीं किया जा सकता था।
सोंगखला प्रांत में सबसे ज्यादा मौतें
सोंगखला प्रांत बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां स्थिति इतनी खराब रही कि पानी हटने के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद होने लगे। हैट याई शहर की कई कॉलोनियां तो पूरी तरह से पानी में डूबी रहीं। बचाव दल इन इलाकों में पहले प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। जैसे ही पानी का स्तर नीचे गया, तबाही का मंजर सामने आना लगा। स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीमों के अनुसार, कुछ परिवार अपने घरों में फंसे रह गए थे और पानी के अचानक बढ़ने से बाहर निकल नहीं पाए। गुमशुदा लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
राहत और बचाव अभियान में तेजी
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत – बचाव कार्य जारी रखा है। बचाव टीमें नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। अस्थायी शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयां और आवश्यक सामान पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगा रहे हैं। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, रेस्क्यू ऑपरेशन और तेज और प्रभावी हो रहे हैं। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है।
लाखों लोगों का जीवन पटरी से उतरा
बाढ़ की इस त्रासदी ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया है। कई परिवारों ने अपनी सारी संपत्ति खो दी, लोगों के खेत बह गए, दुकानें नष्ट हो गईं, घर रहने लायक नहीं बचे। अस्थायी आश्रयों में रहने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राहत एजेंसियां भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था कर रही हैं, पर स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। सरकार ने कहा है कि नुकसान का आकलन करने और पुनर्निर्माण की योजना पर काम जल्द शुरू किया जाएगा। हालांकि प्रभावित लोगों के सामने अभी भी कठिनाइयों की लंबी सूची है
मौसम विभाग की चेतावनी और सतर्कता
थाईलैंड मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश कम हुई है, लेकिन अभी भी कुछ इलाकों में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी है। यह चिंता का विषय है क्योंकि पहले से ही कमजोर हो चुकी संरचनाओं पर और बारिश का खतरा मंडरा रहा है। विशेष रूप से पर्वतीय और तटीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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