Hardoi में Cyber ठगी गिरोह का भंडाफोड़: हरदोई पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगों के नेटवर्क को तोड़ा, बीटेक छात्रों समेत 10 गिरफ्तार

Hardoi

Share This Article

Hardoi News: उत्तर प्रदेश की हरदोई पुलिस ने online fraud करने वाले एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह नकली वेबसाइट्स, online gaming apps और अलग-अलग डिजिटल हथकंडों से देशभर के मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए 10 आरोपियों में से तीन आरोपी बीटेक सेकंड ईयर के छात्र हैं। इन छात्रों ने अपनी तकनीकी समझ का इस्तेमाल किसी अच्छी जगह करने के बजाय, ठगी का एक व्यवस्थित और संगठित साम्राज्य खड़ा करने में कर दिया।

Hardoi

कैसे हुआ इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश?

इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की शुरुआत पिछले साल जनवरी में दर्ज हुई एक मामूली सी शिकायत से हुई थी। बघौली इलाके में चौकीदारी करने वाले नेपाल के रहने वाले दिल बहादुर शाही ने अपने परिवार को ऑनलाइन 45 हजार रुपये भेजे थे। जब वह पैसे उनके पास नहीं पहुंचे, तो उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती गईं और पुलिस सीधे साइबर ठगों के इस बड़े नेटवर्क तक पहुंच गई।

Hardoi

चार अलग-अलग टीमों में बंटा था काम

अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से अलग-अलग टीमें बनाकर काम करता था:

  • पहली टीम: इनका काम गरीब, सीधे-साधे और बेरोजगार लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाना और सिम कार्ड जारी करवाना था।

  • दूसरी टीम: यह टीम चोरी के या फिर पुराने (सेकंड हैंड) मोबाइल फोन का इंतजाम करती थी, ताकि पकड़े जाने का खतरा न रहे।

  • तीहीं टीम: यह टीम उन फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड्स का इस्तेमाल करके यूपीआई आईडी (UPI ID) और क्यूआर कोड तैयार करती थी।

  • चौथी टीम: इस मुख्य टीम का काम लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाना, फर्जी निवेश के झांसे देना और गेमिंग ऐप्स के जरिए सीधे पैसे ऐंठना था।

हैरानी की बात यह है कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए ये लोग ऑनलाइन गेम जीतने वालों को इसी ठगी के पैसों में से कुछ हिस्सा दे भी दिया करते थे।

यह भी पढ़ें: Chiluatal Picnic Spot का उद्घाटन: CM Yogi ने Gorakhpur को दी ₹20.35 करोड़ परियोजना की सौगात, अब रामगढ़ताल की तरह चमकेगा चिलुआताल

आरोपियों के पास से बरामद हुआ भारी सामान

पकड़े गए आरोपियों में बहराइच, छत्तीसगढ़, सीतापुर और सिद्धार्थनगर के लोग शामिल हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के पोर्टल के मुताबिक, इस गिरोह के खिलाफ दिल्ली, राजस्थान और अंडमान-निकोबार जैसे राज्यों से अब तक 34 शिकायतें दर्ज मिल चुकी हैं।

पुलिस ने इनके पास से 4 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 26 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, 6 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और कुछ अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह हर दिन 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की अवैध कमाई कर रहा था।

हरदोई पुलिस की यह कामयाबी वाकई काबिले तारीफ है, लेकिन इस घटना ने यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पढ़े-लिखे तकनीकी छात्र किस तरह शॉर्टकट से पैसे कमाने के चक्कर में अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं। डिजिटल दौर में हम सभी को अनजान फोन कॉल्स, गेमिंग ऐप्स और फर्जी निवेश के वादों को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This