स्वतंत्रता दिवस (Independence day) का मौका हो और Srinagar के ऐतिहासिक लाल चौक (lal chowk)की बात न हो, ऐसा कम ही होता है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर से ठीक पहले श्रीनगर का माहौल पूरी तरह से देशभक्ति के रंगों में रंगा नजर आ रहा है। मंगलवार को लाल चौक स्थित घंटाघर पर एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के साथ नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा थामकर पैदल मार्च किया।
ऐतिहासिक स्थल से उठती देशभक्ति की गूंज
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के दिलों में देशभक्ति का भाव जगाना और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान (Har Ghar Tiranga) को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। जब हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए स्कूली बच्चे सुरक्षा बलों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े, तो पूरा आसपास का परिसर राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा। इस दौरान हर किसी ने स्वतंत्रता संग्राम में अपनी जान न्योछावर करने वाले वीरों और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज जवानों को याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
नई पीढ़ी में देशप्रेम का संचार
यह खास आयोजन सीआरपीएफ की 132वीं बटालियन की ओर से किया गया था। बटालियन के सहायक कमांडेंट प्रह्लाद सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम ‘हर घर तिरंगा’ पहल का एक प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आसपास के स्कूलों के बच्चों को इस आयोजन से जोड़ने का मकसद उन्हें देश के इतिहास और वीरों की शहादत से रूबरू कराना है, ताकि आज की युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा की राह पर आगे बढ़ सके।
बच्चों के मन में उत्साह और सम्मान
रैली में शामिल हुए बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। छात्रों ने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि हमारी आजादी के पीछे कितने लोगों का त्याग और समर्पण रहा है। एक छात्र ने बताया कि अपने घर पर तिरंगा फहराना एक बेहद खास अहसास देता है। बच्चों ने माना कि यह पहल सभी को हमारे सुरक्षा बलों के योगदान को समझने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक सुंदर मौका देती है।
जन-जन का जुड़ाव और इस साल का विशेष विषय
आपको बता दें कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत आजादी के अमृत महोत्सव के तहत की गई थी। इसके पीछे सोच यह थी कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ हर नागरिक का एक व्यक्तिगत और भावनात्मक रिश्ता कायम हो सके। पहले ध्वज फहराना केवल सरकारी इमारतों या औपचारिक अवसरों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह हर भारतीय के घर और दिल का हिस्सा बन चुका है। ‘हर घर तिरंगा 2026’ इस बार ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ को समर्पित है, जो हमारी मातृभूमि के प्रति गहरे प्रेम और निष्ठा का संदेश देता है।
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