Ukraine New PM: दुनियाभर में तबाही मचाने वाली रूस और यूक्रेन के बीच जंग को शुरू हुए चार साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है। इस लंबे समय में दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा। तबाही के इसी दौर के बीच यूक्रेन से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर आई है। देश की कमान संभालने के लिए एक नए चेहरे को आगे लाया गया है, जिससे लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
संकट के समय एक नए लीडर की एंट्री
यूक्रेन के नए प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की राजनीति की दुनिया से नहीं आते, बल्कि वह बिजनेस बैकग्राउंड से हैं। उन्होंने पहले इंजीनियरिंग की और फिर बिजनेस की दुनिया में अपनी धाक जमाई। वह देश की बड़ी सरकारी ऊर्जा कंपनी ‘नेफ्तोगाज’ के प्रमुख भी रह चुके हैं। उन्हें मुश्किल वक्त में घाटे में चल रही कंपनियों को मुनाफे में लाने के लिए जाना जाता है। शायद यही वजह है कि राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था और व्यवस्था को संभालने के लिए उन पर भरोसा जताया है। संसद में उन्हें 289 वोट मिले हैं और वह यूलिया स्विरीडेंको की जगह लेंगे।
नए प्रधानमंत्री के सामने खड़ी मुश्किलें
कोरेत्स्की के लिए प्रधानमंत्री की यह कुर्सी कांटों भरे ताज जैसी है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश को आने वाली कड़ाके की सर्दी के संकट से बाहर निकालना है, क्योंकि जंग की वजह से बिजली और ईंधन की भारी किल्लत है। इसके साथ ही देश इस समय भयानक आर्थिक तंगी से भी जूझ रहा है। रूस की तरफ से लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन को संभालना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति का तालमेल बैठाना उनके लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा।
युद्ध के इस नाजुक मोड़ पर सेरही कोरेत्स्की का प्रधानमंत्री बनना यूक्रेन के लिए बेहद अहम फैसला माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि एक सफल बिजनेसमैन और मैनेजर के तौर पर मशहूर कोरेत्स्की अपने देश को इस भीषण तबाही और संकट से बाहर निकालने में कितने कामयाब हो पाते हैं।







