Cervical Pain : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में गर्दन और कंधों का अकड़ जाना एक आम बात हो गई है। अक्सर हम काम के चक्कर में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका नतीजा खतरनाक दर्द के रूप में सामने आता है। अगर आपको भी उठते-बैठते गर्दन में तेज चुभन महसूस होती है, तो संभल जाइए क्योंकि आपकी कुछ रोजमर्रा की आदतें ही इस बीमारी को दावत दे रही हैं।
आखिर क्या है यह Cervical Pain ?
सीधे शब्दों में कहें तो हमारी रीढ़ की हड्डी का जो ऊपरी हिस्सा गर्दन से जुड़ा होता है, उसे सर्वाइकल स्पाइन कहते हैं। जब इस हिस्से की हड्डियों, नसों या डिस्क पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है, तो वहां असहनीय दर्द और अकड़न शुरू हो जाती है। यह दर्द इतना जिद्दी होता है कि इंसान को न तो चैन से बैठने देता है और न ही आराम से सोने देता है। कई बार तो यह दर्द बढ़कर कंधों और हाथों तक पहुंच जाता है।
इन वजहों से घेरती है यह बीमारी
Cervical Pain के पीछे कोई बहुत बड़ी वजह नहीं, बल्कि आपकी रोज की छोटी-छोटी गलतियां हैं। ऑफिस में लगातार 7-8 घंटे लैपटॉप के सामने झुककर बैठना, बेड पर लेटकर घंटों गर्दन टेढ़ी करके फोन चलाना या एक ही पोजीशन में जमे रहना इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा अचानक कोई भारी वजन उठा लेना या सोते समय बहुत ऊंचे तकिए का इस्तेमाल करना भी आपकी गर्दन की नसों को चोट पहुंचा सकता है।
इस दर्द से छुटकारा पाने का तरीका
अगर दर्द की शुरुआत अभी हुई है, तो लाइफस्टाइल में सुधार करके इसे ठीक किया जा सकता है। हर आधे घंटे में अपनी सीट से उठें और हल्की स्ट्रेचिंग करें। अगर परेशानी ज्यादा बढ़ गई है, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर की सलाह पर फिजियोथेरेपी और गर्दन को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज से इसमें बहुत जल्दी आराम मिलता है। लापरवाही करने पर बात ऑपरेशन तक भी पहुंच सकती है।
शरीर को मशीन समझना बंद कीजिए और काम के बीच अपनी गर्दन को थोड़ा आराम दीजिए। ऑफिस हो या घर, बैठते समय अपनी पोजीशन को हमेशा सीधा रखें क्योंकि थोड़ी सी सावधानी आपको इस खतरनाक और तकलीफदेह दर्द से हमेशा के लिए दूर रख सकती है।







