संभल में कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला, सुभाष त्यागी ने जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग

संभल

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संभल में शाही जामा मस्जिद के पास स्थित 8 बीघा कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस भूमि पर मकान और दुकानें बनाई गई हैं। श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष त्यागी एडवोकेट ने 12 दिसंबर को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इन अवैध कब्जों को हटाने की मांग की थी।

अवैध कब्जे और अतिक्रमण का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया कि विवादित धर्मस्थल जामा मस्जिद के पास स्थित गाटा संख्या 32/2 की लगभग 0.478 हेक्टेयर भूमि, जो कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, उस पर विशेष समुदाय के लोगों ने अवैध रूप से मकान और दुकानें बना ली हैं. शिकायतकर्ता का कहना है कि यह जमीन वर्ष 1990 से पहले तक पूरी तरह कब्रिस्तान के रूप में उपयोग में थी. उस समय वहां शायद एक मकान मौजूद था, जो स्वयं भी अवैध था। धीरे-धीरे इस जमीन को चारों ओर से घेर लिया गया और फिर दुकानों और तीन-चार मंजिला मकानों का निर्माण कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की पवित्र भूमि पर इस तरह का निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी खतरा बन सकता है।

संभल हिंसा और अवैध निर्माण का संबंध

अधिवक्ता सुभाष त्यागी ने इन अवैध निर्माणों को 24 नवंबर 2024 को संभल में हरिहर मंदिर के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा से भी जोड़ा है। उनका कहना है कि हिंसक भीड़ ने इन्हीं मकानों की छतों का इस्तेमाल किया, जहां से सुरक्षा बलों पर पथराव और फायरिंग की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन गैरकानूनी मकानों को विधिक प्रक्रिया अपनाकर हटाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र और कार्रवाई की मांग

सुभाष त्यागी ने 12 दिसंबर को जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कब्रिस्तान की विधिवत पैमाइश कराने और अवैध निर्माण पाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में अगर जल्दी कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे और भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

एसडीएम संभल का बयान

एसडीएम संभल रामानुज ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। कब्रिस्तान की पैमाइश के लिए चार कानूनगो और 22 लेखपालों की एक टीम गठित की गई है। इस टीम के प्रभारी तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह होंगे, जबकि तीन नए तहसीलदार सह-प्रभारी होंगे। एसडीएम ने बताया कि पैमाइश के दौरान कोई विवाद न हो, इसके लिए 27 दिसंबर को कोतवाली संभल में एक बैठक आयोजित की गई थी। पैमाइश के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि कब्रिस्तान की कितनी जमीन पर निर्माण हो चुका है और कितना हिस्सा अब भी खाली है. इसके बाद पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

संभल में कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन इस विवाद का हल जल्दी निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में पूरी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के अवैध कब्जों की पुनरावृत्ति न हो।

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