Russia-Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना कूटनीतिक रुख बेहद स्पष्ट कर दिया है। पोलैंड की राजधानी वॉर्सा में पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़े बयान दिए हैं।
विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत लगातार रूस और यूक्रेन दोनों देशों के संपर्क में है और ऐसे व्यावहारिक सुझाव तलाश रहा है, जिनसे दोनों पक्षों के बीच जारी तनाव कम हो और युद्ध समाप्त करने का ठोस रास्ता निकल सके। आइए जानते हैं पोलैंड की धरती से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक मंच पर क्या-क्या अहम बातें कही हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान उस वक्त आया है जब वे मॉस्को और कीव दोनों देशों का दौरा कर चुके हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक के बाद उन्होंने मॉस्को में रूसी पक्ष के साथ विस्तार से चर्चा की थी।
इसके तुरंत बाद वे यूक्रेन की राजधानी कीव भी गए, जहां यूक्रेनी अधिकारियों के साथ शांति स्थापना को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच संवाद का जरिया बनने और शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
‘व्यापारिक प्रतिबंध नहीं, कूटनीति ही है समाधान’
रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर दुनिया भर में उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने बहुत कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी देश का तेल, उर्वरक या धातु-खनिज खरीदना या न खरीदना युद्ध रोकने का जरिया नहीं बन सकता। यह संघर्ष अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है और इसका हल केवल बातचीत, कूटनीति और समझौते से ही संभव है।
जयशंकर ने कहा कि एक भारत सरकार के नाते उनकी पहली जिम्मेदारी देश के 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। मौजूदा दौर में वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सही और व्यावहारिक कदम उठाता रहेगा।
अवैध प्रवासन पर सख्त, कानूनी मोबिलिटी के समर्थन में भारत
विदेश मंत्री ने वॉर्सा में भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रवासन नीति को भी पूरी तरह साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि आज की ग्लोबल इकोनॉमी में कुशल और प्रतिभावान भारतीय पेशेवरों की भारी मांग है। सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर में भारतीय युवा पूरी दुनिया में कमाल कर रहे हैं।
भारत सरकार हमेशा वैध और कानूनी आवाजाही का समर्थन करती है। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी सूरत में अवैध या अनियमित प्रवासन को बढ़ावा नहीं देता है और इसके लिए विभिन्न देशों के साथ कानूनी मोबिलिटी एग्रीमेंट किए जा रहे हैं।
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