देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम, लोकतंत्र और संविधान की शक्ति का संदेश, Republic Day 2026 India Celebrations

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हैदराबाद से लखनऊ और जयपुर तक, तिरंगे के सम्मान में एकजुट दिखा भारत
देश ने 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गर्व और गरिमा के साथ मनाया। हैदराबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संविधान की आत्मा को मजबूत बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी असली ताकत है और लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब हर नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों दोनों को समझे। इसी दिन कई केंद्रीय और राज्य मंत्रियों ने भी अपने-अपने आवासों पर तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। देशभर में स्कूलों, सरकारी दफ्तरों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के बीच देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। सड़कों पर बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति गीत गुनगुनाते दिखे, वहीं बुजुर्गों की आंखों में आज़ादी के संघर्ष की यादें ताजा होती नजर आईं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश, आत्मनिर्भर भारत पर जोर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवास पर तिरंगा फहराने के बाद मीडिया से बातचीत में देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “लोगों का, लोगों के द्वारा और लोगों के लिए” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। चौहान ने यह भी कहा कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि तेजी से एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उनके अनुसार, गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए आत्ममंथन का अवसर है कि वह अपने कर्तव्यों को कितनी ईमानदारी से निभा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप, नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें।

लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन, एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराया और गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 1950 की ऐतिहासिक घटनाओं को याद करते हुए कहा कि इसी दिन भारत का संविधान औपचारिक रूप से लागू हुआ था। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 76 वर्षों की यात्रा में संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इसके बावजूद भारत ने अपनी एकता और अखंडता को बनाए रखा। उन्होंने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक हर भारतीय के गौरव और देश की संप्रभुता को आगे बढ़ाने में संविधान की भूमिका सबसे अहम रही है। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आज का नया भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने युवाओं और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे संविधान की मूल भावना के अनुरूप सेवा, सुशासन और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ें।

जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले सभी महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है और यह हर भारतीय को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संविधान के सम्मान से जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का उत्सव नहीं, बल्कि कर्तव्यों की जिम्मेदारी भी है। राजस्थान में इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें लोक नृत्य, देशभक्ति गीत और झांकियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया गया।

कर्तव्य पथ पर सजी देश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन
इस साल राष्ट्रपति भवन से लेकर नेशनल वॉर मेमोरियल तक फैले कर्तव्य पथ को भारत की शानदार यात्रा को दर्शाने के लिए विशेष रूप से सजाया गया। परेड में आधुनिक सैन्य ताकत, स्वदेशी रक्षा उपकरणों और तकनीकी प्रगति की झलक देखने को मिली। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की झांकियों में उनकी संस्कृति, परंपरा और विकास योजनाओं को जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया गया। वंदे मातरम की 150 साल पुरानी विरासत को भी समारोह में खास जगह दी गई, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। समारोह में यह संदेश साफ झलका कि भारत न केवल अपनी सैन्य शक्ति में मजबूत है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता में भी दुनिया के लिए एक मिसाल है।

लोकतंत्र की जननी भारत, वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका
गणतंत्र दिवस के मौके पर नेताओं के संबोधनों में भारत की वैश्विक भूमिका पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक जिम्मेदार और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की जननी होने के नाते भारत का दायित्व है कि वह दुनिया को शांति, सहयोग और विकास का रास्ता दिखाए। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है और आने वाले वर्षों में वही देश की दिशा और दशा तय करेगी।

उत्तर प्रदेश में खास उत्साह, गांवों से शहरों तक दिखा तिरंगे का सम्मान
उत्तर प्रदेश में गणतंत्र दिवस को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ गांवों में भी स्कूलों और पंचायत भवनों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन पर आधारित नाटिकाएं मंचित की गईं। कई जगहों पर स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, ताकि गणतंत्र दिवस को सामाजिक सेवा से जोड़ा जा सके। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

संविधान की भूमिका पर जोर, अधिकारों के साथ कर्तव्यों की याद
गणतंत्र दिवस समारोहों में एक साझा संदेश यह रहा कि संविधान केवल अधिकारों का दस्तावेज नहीं, बल्कि कर्तव्यों का मार्गदर्शक भी है। नेताओं ने कहा कि अगर हर नागरिक ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करे, तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। असदुद्दीन ओवैसी ने भी हैदराबाद में अपने संबोधन में संविधान की मूल भावना को मजबूत बनाए रखने की बात कही और सामाजिक सौहार्द्र पर जोर दिया। वहीं, अन्य नेताओं ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी बताया।

नया भारत, नए संकल्प और नई उम्मीदें
77वें गणतंत्र दिवस ने देश को एक बार फिर यह याद दिलाया कि आज़ादी की लड़ाई केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की जिम्मेदारी भी है। नेताओं के संदेशों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आम नागरिकों की भागीदारी ने यह साबित किया कि भारत एक मजबूत, आत्मविश्वासी और एकजुट राष्ट्र है। आत्मनिर्भर भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत और विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। गणतंत्र दिवस का यह पर्व केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर नागरिक के दिल में देश के लिए कुछ करने की नई प्रेरणा छोड़ गया। आने वाले वर्षों में यही संकल्प भारत को वैश्विक मंच पर और ऊंचाइयों तक ले जाएगा, जहां लोकतंत्र, विकास और सांस्कृतिक विविधता की मिसाल कायम होगी।

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