दिल्ली स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार को लेकर रेखा गुप्ता का बड़ा कदम
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सिविल लाइंस स्थित Aruna Asaf Ali Hospital का औचक निरीक्षण किया। यह दौरा पूरी तरह बिना किसी पूर्व सूचना के किया गया, जिससे अस्पताल प्रशासन में अचानक हलचल देखने को मिली। निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि अस्पताल की जमीनी हकीकत को समझना और यह सुनिश्चित करना था कि मरीजों को वास्तव में समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं या नहीं। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस दौरान स्पष्ट संकेत दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
OPD से लेकर दवा काउंटर तक हर व्यवस्था की बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का विस्तार से दौरा किया। उन्होंने OPD, वार्ड, दवा वितरण केंद्र, टीकाकरण यूनिट, डिजिटल सेवाएं, पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने की कोशिश की। कई मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें OPD में घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है और डॉक्टरों की उपलब्धता भी समय पर नहीं हो पाती। मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में सेवा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जाए ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
टोकन सिस्टम, डिजिटल सेवाएं और दवा उपलब्धता पर सख्ती
बुजुर्ग मरीजों द्वारा कतारों में लंबे इंतजार की शिकायत पर CM Rekha Gupta ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में एक प्रभावी टोकन प्रणाली लागू की जाए, जिससे मरीजों को अनावश्यक रूप से खड़े रहकर इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल अपॉइंटमेंट सिस्टम की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य सुविधा देना है, लेकिन अगर मरीजों को फिर भी परेशानी हो रही है तो सिस्टम में सुधार अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से जोड़ा जाए ताकि सेवाएं अधिक सुचारू बन सकें। दवाओं की अनुपलब्धता को लेकर आई शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्टॉक रजिस्टर की तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं और टीकों की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी और इस पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति लागू रहेगी।

साफ-सफाई, जवाबदेही और स्वास्थ्य सुधार पर फोकस
निरीक्षण के दौरान मरीजों ने शौचालय, साफ-सफाई और पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर शिकायतें रखीं। इस पर मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने टीकाकरण यूनिट का भी निरीक्षण किया, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों को रेबीज और अन्य आवश्यक टीके लगाए जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक वैक्सीन की उपलब्धता लगातार बनी रहनी चाहिए और किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हेपेटाइटिस जैसे मामलों को लेकर चिंता जताई और डॉक्टरों को अधिक जागरूकता, जांच और रोकथाम के उपायों पर काम करने के निर्देश दिए।
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प्रशासनिक सुधारों के जरिए सिस्टम में पारदर्शिता का लक्ष्य
CM Rekha Gupta ने स्वास्थ्य व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार के लिए कई प्रशासनिक बदलावों पर भी जोर दिया। इसमें बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करना, डॉक्टरों और स्टाफ के लिए ड्यूटी के दौरान नेमप्लेट अनिवार्य करना और समयबद्ध सेवाओं को सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल व्यवस्था को सख्त बनाना नहीं है, बल्कि मरीजों के प्रति जवाबदेही बढ़ाना है ताकि हर व्यक्ति को समय पर इलाज मिल सके। अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जहां हर नागरिक को समय पर, स्वच्छ, आधुनिक और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस जनता केंद्रित स्वास्थ्य मॉडल पर है और इस दिशा में सुधार लगातार जारी रहेंगे।
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