Railway News : दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और वेटिंग टिकट को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड ने 18 स्पेशल ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। इन ट्रेनों के संचालन से करीब 32 हजार वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। लखनऊ होकर मुंबई जाने वाली दो विशेष ट्रेनों का संचालन 21 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा।
त्योहारों पर बढ़ जाती है यात्रियों की भीड़
दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के समय बड़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों से अपने घर लौटते हैं। लखनऊ से दिल्ली, मुंबई, बिहार, पूर्वांचल और बंगाल जाने वाली ट्रेनों में इस दौरान टिकटों की मांग काफी बढ़ जाती है। कई नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने अलग-अलग रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है।
लखनऊ से स्पेशल ट्रेनें किन रूटों पर चलेंगी?
त्योहारी सीजन को देखते हुए कई प्रमुख रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इनमें मऊ, गाजीपुर सिटी, गोरखपुर और बनारस जैसे शहर शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ होकर दिल्ली, पटना और चंडीगढ़ के लिए भी अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। इससे इन रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को टिकट मिलने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए भी राहत की खबर है। लखनऊ होकर मुंबई के लिए दो विशेष ट्रेनों को मंजूरी मिली है। इनका संचालन 21 अक्टूबर से शुरू होगा।
दिल्ली-मुंबई से घर लौटेंगे हजारों लोग
त्योहारों के दौरान दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल स्थित अपने घरों की ओर लौटते हैं। दशहरा और दीपावली के बाद छठ पूजा के लिए भी यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। यही वजह है कि त्योहार खत्म होने के बाद वापसी की ट्रेनों में भी काफी भीड़ रहती है। रेलवे ने इसी को ध्यान में रखते हुए प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की है, ताकि यात्रियों को सफर के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकें।
32 हजार वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को राहत
रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद 18 स्पेशल ट्रेनों के संचालन से करीब 32 हजार वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इन अतिरिक्त ट्रेनों के चलने से यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए ज्यादा विकल्प मिलेंगे। साथ ही नियमित ट्रेनों पर त्योहारों के दौरान पड़ने वाला दबाव भी कुछ कम हो सकता है।

