PM Modi की Seychelles की 3 दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा: हिंद महासागर में समुद्री सहयोग को मिलेगी नई ताकत

PM Modi, Seychelles

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PM Modi Seychelles visit: भारत की विदेश नीति के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक Seychelles की राजकीय यात्रा पर रहने वाले हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच पुराने और गहरे रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाने वाली साबित होगी। हिंद महासागर में स्थित यह छोटा सा द्वीप देश भारत का एक बेहद भरोसेमंद रणनीतिक साझीदार है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी, व्यापार और सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।

PM Modi की Seychelles यात्रा

यह दौरा बेहद खास है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी Seychelles के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती (50वीं वर्षगांठ) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने जा रहे हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा को लेकर दोनों देशों में काफी उत्साह है। इससे पहले पीएम मोदी ने साल 2015 में सेशेल्स का दौरा किया था। इस ऐतिहासिक जश्न में भारत की भागीदारी को और यादगार बनाने के लिए भारतीय रक्षा बलों का एक विशेष दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी सेशेल्स पहुंच रहे हैं, जो वहां की परेड का हिस्सा बनेंगे।

PM Modi, Seychelles

भारत-सेशेल्स संबंध

भारत और सेशेल्स के बीच का रिश्ता आज का नहीं, बल्कि सदियों पुराना है। यह मजबूत दोस्ती हमारे साझा इतिहास, अनूठी संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के आपसी जुड़ाव पर टिकी है। राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी द्विपक्षीय सहयोग के सभी पुराने प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही वे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे और वहां रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाएंगे।

PM Modi, Seychelles

समुद्री सहयोग

हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से सेशेल्स भारत के लिए बहुत मायने रखता है। भारत की ‘महासागर’ (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस) की नीति में सेशेल्स एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। इस यात्रा के दौरान दोनों देश समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, पायरेसी (समुद्री डकैती) को रोकने और अवैध शिकार पर लगाम लगाने के लिए अपने रक्षा संबंधों को और कड़ा करेंगे।

ग्लोबल साउथ

यह यात्रा न सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों को सुधारेगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर विकासशील देशों यानी ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को भी बुलंद करेगी। भारत हमेशा से छोटे द्वीप देशों के अधिकारों और पर्यावरण से जुड़ी उनकी चिंताओं का समर्थन करता रहा है। राष्ट्रपति हर्मिनी ने हाल ही में पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी, जिस पर आभार जताते हुए पीएम ने सेशेल्स को एक बेहद खास और भरोसेमंद साझीदार बताया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पहले पड़ोसी) और ‘सागर’ नीति को जमीन पर उतारने का एक बड़ा उदाहरण है। सेशेल्स के साथ रक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक मोर्चे पर बढ़ता यह तालमेल हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस यात्रा से आने वाले समय में दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को एक नया और सकारात्मक मोड़ मिलना तय है।

यह भी पढ़ें: PM Modi ने किया Amazon के 48 अरब डॉलर के भारी निवेश का स्वागत, 2030 तक युवाओं को मिलेंगे लाखों रोजगार

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