Kolkata Taratala Warehouse Accident Update: Kolkata से एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। दक्षिण Kolkata के तारातला (Taratala) ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बुधवार दोपहर को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक भरभरा कर गिर गया। इस हादसे के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। कंक्रीट और लोहे के मलबे के नीचे कई मजदूरों के दबे होने के कारण यह घटना बेहद गंभीर रूप ले चुकी है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है।
Kolkata Taratala Warehouse Accident Update
यह दर्दनाक वाकया बुधवार दोपहर करीब 12:07 बजे हुआ। शुरुआती रिपोर्टों में पांच लोगों की जान जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हुई है। मलबे से 18 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया है और उन सभी को तुरंत एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब यह हादसा हुआ तब गोदाम की छत पर कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी 40 से ज्यादा लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
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सेना और आपदा प्रबंधन संभाल रही मोर्चा
मलबे के विशाल ढेर को देखते हुए राहत कार्य में कई एजेंसियों को लगाया गया है। Kolkata पुलिस के साथ-साथ डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और भारतीय सेना की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। लोहे की भारी-भरकम छड़ों को हटाने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है और मलबे को साफ करने के लिए क्रेन बुलाई गई हैं। मलबे के भीतर से आ रही मजदूरों की चीखें वहां मौजूद हर इंसान का दिल दहला रही हैं, इसलिए बिना वक्त गंवाए तेजी से काम किया जा रहा है।

सरकार ने जारी किए जरूरी हेल्पलाइन नंबर
हादसे की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद स्थिति का जायजा लेने घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ सरकार के मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कौशिक चौधरी भी मौजूद रहे। संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। लोग 1070, 8697981070 और 033-22143526 / 22535185 पर फोन करके अपनों की जानकारी ले सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह जमीन ओडिशा के एक कारोबारी की है, जिसने इसे एक निजी फर्म को लीज पर दिया हुआ था।
Taratala की यह घटना एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पश्चिम बंगाल में पहले भी ऐसे कई बड़े हादसे हुए हैं, जो हमें आगाह करते हैं कि बिना पूरी तैयारी और मजबूती के काम करना कितना जानलेवा हो सकता है। फिलहाल सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे हर एक शख्स को सुरक्षित बाहर निकालने की है। दुआ है कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक होकर अपने घर लौट सकें।


