PM Modi : अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भारत के कूटनीतिक रिश्तों में आज का दिन बहुत बड़ा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार (27 जून) को सेशेल्स की एक बेहद खास राजकीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह कोई आम दौरा नहीं है, बल्कि सेशेल्स अपने राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती मना रहा है और इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी वहां ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ यानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने जा रहे हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के खास न्यौते पर हो रही यह यात्रा दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को एक बिल्कुल नए मुकाम पर ले जाने वाली है।
भारत सेशेल्स संबंध
भारत और सेशेल्स का रिश्ता आज का नहीं, बल्कि सदियों पुराना है। हमारे बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, जो वक्त के साथ और मजबूत ही हुए हैं। अगर सामरिक नजरिए से देखें, तो हिंद महासागर में सेशेल्स की लोकेशन भारत के लिए बहुत मायने रखती है। भारत की ‘सागर विजन’ नीति (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के तहत सेशेल्स हमारा एक बेहद अहम और भरोसेमंद समुद्री पड़ोसी है। इसके अलावा, ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों को एक साथ लाने और उनकी आवाज बुलंद करने की भारत की मुहिम में भी सेशेल्स का एक विशेष स्थान है।
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच मुलाकातों का दौर काफी तेज रहा है। इसी साल फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी खुद छह दिनों के भारत दौरे पर आए थे, जहां दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई थी। वहीं पिछले साल अक्टूबर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी सेशेल्स गए थे। इन लगातार दौरों से साफ है कि दोनों देश एक-दूसरे को कितनी अहमियत देते हैं।
हिंद महासागर क्षेत्र
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है। इस बैठक में दोनों नेता आपसी सहयोग के हर छोटे-बड़े पहलू की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही, हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, व्यापार और आपसी हितों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा होगी। पीएम मोदी वहां की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे और सेशेल्स में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मिलकर उनसे बातचीत करेंगे, जो वहां भारत की संस्कृति को जिंदा रखे हुए हैं।
इस बार बातचीत का एक बड़ा फोकस डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर रहने वाला है। भारत अपने देश में सफल रहे डिजिटल पेमेंट सिस्टम (जैसे UPI) और अन्य डिजिटल तकनीकों को विकसित करने में सेशेल्स की मदद कर रहा है। इसके साथ ही दोनों देश पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, साइबरस्पेस, समुद्री विज्ञान और ‘ब्लू इकोनॉमी’ (समुद्री संसाधनों का सही इस्तेमाल) जैसे मॉडर्न सेक्टर में हाथ मिलाने जा रहे हैं। सेशेल्स में भारत के हाई कमिश्नर रोहित राठीश के मुताबिक, इस दौरे पर कई बड़े समझौतों पर मुहर लग सकती है जो आने वाले दिनों में दोनों देशों की तरक्की का रास्ता साफ करेंगे।
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कुल मिलाकर कहें तो पीएम मोदी का यह सेशेल्स दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है। यह हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए दो पुराने दोस्तों का हाथ मिलाना है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल बदलाव के इस दौर में भारत हमेशा की तरह सेशेल्स का एक मजबूत और भरोसेमंद साथी बनकर खड़ा है। उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत और गतिशील होंगे। इस दौरे से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए!



