दुनिया भर में चल रहे आर्थिक और राजनीतिक संकटों का असर अब ग्लोबल सप्लाई चेन पर दिखने लगा है। खासतौर पर पश्चिम एशिया के हालातों की वजह से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे समय में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए PM Modi ने खुद आगे बढ़कर कमान संभाली है। उन्होंने न केवल देश की जनता से संसाधन बचाने की अपील की है, बल्कि सरकारी स्तर पर फिजूलखर्ची रोकने के लिए अपने खुद के काफिले से इसकी शुरुआत कर दी है।
सुरक्षा काफिले में होगी 50 प्रतिशत की कटौती
प्रधानमंत्री ने अपने सुरक्षा घेरे में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, PM Modi ने विशेष सुरक्षा दल (SPG) को निर्देश दिया है कि उनके काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि एक प्रधानमंत्री के काफिले में सुरक्षा कारणों से कई गाड़ियां साथ चलती हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि बिना नई गाड़ियां खरीदे, मौजूदा संसाधनों में ही इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाए।
एसपीजी ने इस निर्देश पर काम करना भी शुरू कर दिया है। हाल ही में गुजरात और असम के दौरों के दौरान उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या पहले के मुकाबले कम देखी गई। हालांकि, इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है कि सुरक्षा के जो अनिवार्य नियम ‘ब्लू बुक’ में दर्ज हैं, उनके साथ कोई समझौता न हो।
सरकारी विभागों में भी दिखेगा बदलाव
PM Modi के इस कदम का मकसद केवल ईंधन बचाना नहीं, बल्कि अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के लिए एक मिसाल पेश करना भी है। संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में अलग-अलग मंत्रालय और सरकारी विभाग भी खर्चों में कटौती के उपाय अपनाएंगे। इसमें कर्मचारियों को मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, कार पूलिंग को बढ़ावा देने और बड़े ताम-झाम वाले आयोजनों से बचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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जनता से की गई भावुक अपील
हैदराबाद में एक संबोधन के दौरान PM Modi ने देशवासियों से सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कुछ ऐसे सुझाव दिए हैं जो सुनने में तो रोजमर्रा के काम लगते हैं, लेकिन बड़े स्तर पर देश की अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकते हैं:
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सोने की खरीदारी पर रोक: उन्होंने आग्रह किया कि कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा के अनावश्यक खर्च को रोका जा सके।
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ईंधन की बचत: पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि तेल की बचत सीधे तौर पर देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करती है।
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पुराने तरीकों की वापसी: प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि हमें वर्क-फ्रॉम-होम और वर्चुअल मीटिंग्स जैसी व्यवस्थाओं को दोबारा अपनाना चाहिए ताकि समय और संसाधन दोनों बच सकें।
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स्वदेशी को बढ़ावा: उन्होंने लोगों से जूते, बैग और अन्य रोजमर्रा के सामानों के लिए स्थानीय और ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पादों को चुनने की अपील की।
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खेती में सुधार: PM Modi ने किसानों से भी अनुरोध किया कि वे रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल आधा करें और डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा वाले पंपों का उपयोग करें।
PM Modi का अपने काफिले को छोटा करना यह दर्शाता है कि एक सच्चा नेतृत्व वही है जो खुद उन नियमों का पालन करे जिनकी वह दूसरों से उम्मीद करता है। आज जब पूरी दुनिया महंगाई और युद्ध के संकट से जूझ रही है, तब संसाधन बचाने की यह छोटी-छोटी कोशिशें भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार इन सुझावों पर अमल करें।