PM Modi ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान गुरुवार को हावड़ा स्थित प्रसिद्ध Belur Math का दौरा किया। यह वही पवित्र स्थान है जहां रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण मठ का मुख्यालय स्थित है। इसकी स्थापना स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की प्रेरणा से की थी और यह आज भी आध्यात्मिक साधना एवं सेवा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
बेलूर मठ में आध्यात्मिक संदेश और सांस्कृतिक विरासत पर जोर
दौरे के दौरान PM Modi ने बेलूर मठ के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा की सराहना की और कहा कि यह राज्य भारत की आत्मा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विशेष रूप से मां काली की भक्ति, दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्वों और राज्य की धार्मिक परंपराओं को बंगाल की पहचान बताया। PM Modi ने कहा कि बंगाल की संस्कृति हमेशा से शक्ति, सेवा और आस्था का संगम रही है, जो पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ने का काम करती है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं को प्रेरणा
PM Modi ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस समय थे, और वे आज के युवाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा स्रोत हैं। PM Modi ने कहा कि राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और सेवा भाव जैसे मूल्य यदि युवाओं के जीवन का हिस्सा बन जाएं, तो भारत को विश्व स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की सेवा भावना और सामाजिक कार्यों की भी सराहना की, जो वर्षों से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
चुनावी माहौल के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
PM Modi का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का पहला चरण जारी है। राज्य में मतदान को लेकर जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है और कई क्षेत्रों में लंबी कतारें और सक्रिय भागीदारी दर्ज की गई है। Election Commission of India के आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। दक्षिण दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम, मुर्शिदाबाद और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान देखने को मिला, जो लोकतांत्रिक भागीदारी का मजबूत संकेत माना जा रहा है। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव हो रहा है, जहां 1,400 से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि एक तरफ मुख्यमंत्री Mamata Banerjee लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ Bharatiya Janata Party राज्य में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से मैदान में है।
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जनभागीदारी और सियासी सरगर्मी के बीच अहम चुनाव
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि जनभागीदारी और विकास के मुद्दों पर केंद्रित मुकाबला बन गया है। मतदान प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी यह दर्शा रही है कि मतदाता इस बार पहले से अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चुनावी माहौल, सांस्कृतिक संदेश और बढ़ती भागीदारी ने पश्चिम बंगाल के इस चुनाव को राष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।







