NorthEast राज्यों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज मेघालय की राजधानी शिलांग में नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस उच्च स्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण सत्र के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। बैठक का मुख्य फोकस पर्यटन, कृषि और बागवानी, निवेश संवर्धन, खेल संवर्धन, आर्थिक गलियारा विकास, बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर रहेगा। इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र को दूध, अंडे, मछली और मांस के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए ठोस रणनीतियों पर विचार किया जाएगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के अनुसार, इस सत्र में विभिन्न क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए गठित ‘मुख्यमंत्री उच्च-स्तरीय कार्य बलों’ (Chief Minister High-Level Task Forces) द्वारा की गई प्रगति की गहन समीक्षा भी की जाएगी।
केंद्रीय मंत्रियों सहित आठों राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री रहेंगे मौजूद
शिलांग के इस ऐतिहासिक सत्र में देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों का एक बड़ा महाजुटान होने जा रहा है। गृह मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और DoNER राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार विशेष रूप से शामिल होंगे। इनके अलावा, पूर्वोत्तर के सभी आठों राज्यों के माननीय राज्यपाल और मुख्यमंत्री, नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के अन्य प्रतिष्ठित सदस्य तथा केंद्र और राज्य सरकारों के बेहद वरिष्ठ और नीति-निर्माता अधिकारी इस विमर्श में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस बैठक को पूर्वोत्तर राज्यों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर तेजी से उतारने के दृष्टिकोण से बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा की होगी महा-समीक्षा
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिलांग में आयोजित 73वें पूर्ण सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah त्रिपुरा के रणनीतिक दौरे पर रवाना होंगे। त्रिपुरा की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्री का यह दौरा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है, जहाँ वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करेंगे और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चल रही विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि इस दौरे के दौरान गृह मंत्री सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य केंद्रीय व राज्य सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों के साथ एक अति-महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस रणनीतिक बैठक का मुख्य एजेंडा सीमा पार से होने वाले अवैध प्रवासन (घुसपैठ), सीमा पार तस्करी, हथियारों व नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार और अन्य गंभीर सीमा पार अपराधों जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े सीमा प्रबंधन उपायों की समीक्षा करना है।
सुरक्षा बलों के साथ ‘सैनिक सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे Amit Shah
भौगोलिक और सामरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाए तो त्रिपुरा राज्य की कुल 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पड़ोसी देश बांग्लादेश से लगती है। यह राज्य तीन तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा हुआ है, जिसके कारण सीमा प्रबंधन और घुसपैठ को रोकना यहाँ की आंतरिक सुरक्षा का एक बेहद संवेदनशील और प्रमुख विषय बन जाता है। देश के सुरक्षा प्रहरी बनकर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए गृह मंत्री अपने इस व्यस्त दौरे के दौरान सुरक्षा कर्मियों के साथ एक विशेष ‘सैनिक सम्मेलन’ को भी संबोधित करेंगे और उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए वे सीमावर्ती क्षेत्र में आयोजित होने वाले एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान में भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जिससे जवानों और स्थानीय नागरिकों के बीच राष्ट्र सेवा की भावना को और बल मिलेगा।
त्रिपुरा को मिलेगी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात
सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के साथ-साथ गृह मंत्री Amit Shah त्रिपुरा में आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को एक नई रफ्तार देने जा रहे हैं। दौरे से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री त्रिपुरा सरकार और एक निजी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में विकसित किए जा रहे एक बड़े और आधुनिक होटल प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे और इसके पवित्र भूमि पूजन समारोह में भी शामिल होंगे। यह परियोजना राज्य में पर्यटन उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने में काफी मददगार साबित होगी। इसके अलावा, अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री त्रिपुरा के आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे, जो पूर्वोत्तर को देश की मुख्यधारा के विकास से पूरी तरह जोड़ने के केंद्र सरकार के संकल्प को दर्शाता है।
