18th BRICS Summit: भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रखे गए ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ (New Delhi Declaration) के प्रस्ताव को सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, ब्रिक्स समूह की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम मोदी ने दो विशेष डाक टिकट भी जारी किए।
सर्वसम्मति से अपनाई गई साझा नीति
नई दिल्ली घोषणापत्र का प्रस्ताव रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी सदस्य देश ने इस प्रस्ताव पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि ‘नई दिल्ली घोषणा 2026’ को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। यह घोषणापत्र ब्रिक्स देशों की साझा प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अलग-अलग देशों के विचार और प्राथमिकताएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन ब्रिक्स के मंच पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता पूरी तरह साफ है। उन्होंने बल देकर कहा कि बदलते दौर में पुरानी व्यवस्थाओं के सहारे आगे नहीं बढ़ा जा सकता, इसलिए वैश्विक संस्थानों और नियमों में सुधार की जरूरत है।
Sharing my concluding remarks during the BRICS Summit. pic.twitter.com/PNkEBxAD3O
— Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026
भविष्य की तकनीक और फैसले लागू करने की जिम्मेदारी
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय की तकनीकों और उनके सही इस्तेमाल में ग्लोबल साउथ के देशों की बराबर की हिस्सेदारी होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई बार वैश्विक मंचों पर लिए गए फैसलों और उनके धरातल पर मिलने वाले नतीजों के बीच दूरी रह जाती है।
उन्होंने कहा कि अब सभी सदस्य देशों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि इन फैसलों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जमीन पर उतारा जाए और ठोस परिणाम हासिल किए जाएं।
क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है यह समूह?
यहाँ यह समझना भी जरूरी है कि ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल विकासशील और कम संपन्न देशों के समूह के लिए किया जाता है, जो मुख्य रूप से एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और ओशिनिया क्षेत्रों में स्थित हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भविष्य के वैश्विक नियमों को तय करने में इन देशों की भागीदारी बेहद आवश्यक है।
यह भी पढ़ें: Masoud Pezeshkian की President Murmu से मुलाकात: भारत ईरान संबंध और शांति प्रयासों पर हुई चर्चा
यह भी पढ़ें: रोश हशाना (Rosh Hashanah) के अवसर पर PM Modi ने इजराइल और यहूदी समुदाय को दी बधाई







