Navratri 2026: PM Modi ने नवरात्रि के दूसरे दिन पर साझा किया संस्कृत सुभाषित, जानिए इसका अर्थ

PM Modi, नवरात्रि

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Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) के पावन पर्व पर पूरे देश में भक्ति और उल्लास का माहौल है। इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक विशेष संस्कृत श्लोक साझा कर मां भगवती की परम शक्ति को नमन किया और सभी के सुख, समृद्धि व विश्व शांति की कामना की।

श्रीदुर्गासप्तशती के श्लोक में छिपा लोक कल्याण का संदेश

PM Modi ने श्रीदुर्गासप्तशती के चौथे अध्याय यानी शक्रादि स्तुति से एक श्लोक पोस्ट किया। इस श्लोक का सरल अर्थ यह है कि जिस परम शक्ति से पूरा संसार चल रहा है और जिनमें सभी देवताओं की शक्तियां समाहित हैं, हम उन मां अम्बिका को भक्तिभाव से नमन करते हैं। देवता और महर्षि भी जिनकी पूजा करते हैं, वही मां अम्बिका हम सभी का कल्याण करें। यह श्लोक उस समय का है जब देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और देवताओं ने भयमुक्त होकर उनकी स्तुति की थी। इसे सामूहिक कल्याण और शांति का प्रतीक माना जाता है।

मां ब्रह्मचारिणी की साधना और पीएम का संदेश

नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। शांत, तेजस्वी और श्वेत वस्त्रों में सुशोभित मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल है। देवी का यह रूप हमें संयम, त्याग, साधना और आत्मबल की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साझा किया गया यह सुभाषित न केवल लोगों की धार्मिक आस्था को गहरा करता है, बल्कि समाज में एकता और सकारात्मकता का संदेश भी देता है।

यह भी पढ़ें: Navratri Day 2: मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप सिखाता है मन पर नियंत्रण और स्थिर आचरण का महत्व

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