Navratri 2026: सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन पर दिया जोर

Navratri 2026, CM yogi

Share This Article

Navratri 2026: उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्र का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का महिषासुर पर विजय प्राप्त करना इस बात का प्रतीक है कि हमेशा धर्म और न्याय की ही जीत होती है। CM Yogi ने कहा कि अहंकार, दुराग्रह और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, संकल्प और धर्म की विजय का सच्चा भाव मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में समाहित है। उन्होंने मातृशक्ति को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाने को इस चेतना का मूल आधार बताया है।

श्रीराम की साधना और आदिशक्ति की महिमा

‘योगी की पाती’ के माध्यम से CM Yogi ने जिक्र किया कि जब तीनों लोकों में महिषासुर के अत्याचार से हाहाकार मच गया था, तब सभी देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से आदिशक्ति का प्राकट्य हुआ था। मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर समाज में धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लंका पर विजय पाने से पहले प्रभु श्रीराम ने भी मां जगत जननी की विशेष साधना की थी। जब साधना के दौरान 108 नीलकमलों में से एक कमल कम पड़ गया, तो प्रभु श्रीराम ने अपना नयन अर्पित करने का संकल्प लिया, जिसके बाद मां प्रकट हुईं और उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता की मूरत मां त्रैलोक्य की रक्षा के लिए चंडी का रूप धारण कर दानवों का नाश करती हैं। आज भी जब समाज में नकारात्मकता बढ़ती है, तो नवरात्र हमें याद दिलाता है कि सज्जनता तभी असरदार होती है जब उसके साथ शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य जुड़ा हो।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और मिशन शक्ति का संकल्प

CM Yogi ने कहा कि विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ और मां शाकम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और युवाओं की भागीदारी यह साबित करती है कि आज की पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से मजबूती से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश आज आस्था और परंपरा के पुनर्जागरण का बड़ा केंद्र बन चुका है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए बेटियों को शिक्षा और सुरक्षा के समान अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2020 के शारदीय नवरात्र से शुरू किया गया ‘मिशन शक्ति’ अभियान इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है, जिसके तहत आज लगभग 44 हजार से अधिक महिलाएं यूपी पुलिस बल का हिस्सा हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है और वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन भी गठित की गई हैं।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लेकर स्वयं सहायता समूहों तक

बालिकाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (MukhyaMantri Kanya Sumangla Yojana) लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इसके साथ ही, दस लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और स्वावलंबन की नई मिसाल पेश कर रही हैं। अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि इस पावन पर्व पर उपवास और उपासना के साथ यह संकल्प भी लें कि वे किसी भी बहन की सुरक्षा में उसकी आवाज बनेंगे, किसी बेटी की पढ़ाई में मदद करेंगे और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। आदिशक्ति की सच्ची आराधना तभी पूरी होगी जब प्रदेश की हर माता और बहन सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेगी।

यह भी पढ़ें: Navratri 2026: PM Modi ने नवरात्रि के दूसरे दिन पर साझा किया संस्कृत सुभाषित, जानिए इसका अर्थ

यह भी पढ़ें: Navratri Day 2: मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप सिखाता है मन पर नियंत्रण और स्थिर आचरण का महत्व

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This