Mother Dairy Plastic bag: दूध के खाली प्लास्टिक थैली से होने वाले प्रदूषण को लेकर अगर आप भी परेशान रहते थे, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। जाने-माने डेयरी ब्रांड Mother Dairy ने एक अनोखा और पर्यावरण के अनुकूल कदम उठाया है। कंपनी ने एक ऐसा 'मिट्टी में घुलने वाला plastic bag' पेश किया है, जो इस्तेमाल के बाद पर्यावरण या मिट्टी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
चार साल की रिसर्च से मिली बड़ी कामयाबी
कंपनी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह और प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने बताया कि इस खास पैकेट को तैयार करने में पूरे चार साल का समय लगा है। इस पैकेजिंग तकनीक की वजह से यह प्लास्टिक पैक धीरे-धीरे जैव मोम (बायो-वैक्स) में बदल जाता है। इसके बाद मिट्टी में मौजूद छोटे बैक्टीरिया इसे प्राकृतिक तरीके से पूरी तरह तोड़ देते हैं। हालांकि, इस पैकेट को मिट्टी में पूरी तरह घुलने में करीब दो साल का समय लगेगा।
मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर जयतीर्थ चारी ने इस अवसर पर बताया कि नेचुरली डिग्रेडेबल पाउच परंरागत पोली पैकिंग से महंगा पड़ता है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कितना महंगा पड़ता है। उन्होंने यह जरूर बताया कि महंगा पड़ने के बावजूद कंपनी दूध की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं कर रही है। इसका फायदा यह होगा कि यह पाउच पर्यावरण के लिए सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इस नेचुरली डिग्रेडेबल मिल्क पाउच को डेवलप करने में चार साल से भी ज्यादा का समय लगा है। इसमें दुनिया भर के कई रिसर्च इंस्टीच्यूट का सहयोग लिया गया।
पर्यावरण दिवस पर गाय के दूध के साथ शुरुआत
Mother Dairy इस नए पैक की शुरुआत पर्यावरण दिवस के मौके पर करने जा रही है। सबसे पहले इसे गाय के दूध की पैकिंग के लिए बाजार में उतारा जाएगा। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि इसके सफल रहने के बाद, धीरे-धीरे दूसरे तरह के दूध और प्रोडक्ट्स की पैकिंग भी इसी सुरक्षित तरीके से की जाएगी।
प्लास्टिक कचरे से निपटने की दिशा में मदर डेयरी की यह कोशिश वाकई काबिले तारीफ है। अगर यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश को प्लास्टिक प्रदूषण से बड़ी राहत मिल सकती है।
यह भी पढ़ें: Lucknow Weather : नवाबों के शहर में फिर छूटेगा पसीना, 42°C तक जाएगा पारा
