Sanjeev Arora arrest: देश में वित्तीय अनियमितताओं, टैक्स चोरी और बैंक धोखाधड़ी के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति के तहत केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार (18 मई) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के आधार पर दो बड़ी कानूनी कार्रवाइयां सामने आईं। कथित 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आप नेता Sanjeev Arora को कोर्ट ने 1 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है।
इसके साथ ही, बैंक लोन में हुई बड़ी धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने दिल्ली और गोवा में सघन छापेमारी के बाद आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला को भी आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है।
मंत्री Sanjeev Arora मामले में गुरुग्राम कोर्ट का बड़ा फैसला
गत 9 मई को चंडीगढ़ से प्रवर्तन निदेशालय द्वारा हिरासत में लिए गए पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की कस्टोडियल रिमांड की अवधि सोमवार को पूरी हो गई थी। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की संबंधित अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच के तथ्यों को देखते हुए Sanjeev Arora की न्यायिक हिरासत मंजूर करते हुए उन्हें 1 जून तक के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।
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क्या है पूरा मामला?: Sanjeev Arora के खिलाफ यह कार्रवाई एक कंपनी के प्रमुख रहने के दौरान कथित तौर पर किए गए 100 करोड़ रुपये के बड़े जीएसटी (GST) फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की जा रही है। जांच एजेंसी ने पुख्ता इनपुट्स के आधार पर 5 मई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह मामला दर्ज किया था।
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पुख्ता सबूतों के लिए छापेमारी: इस गिरफ्तारी से पहले ईडी की टीमों ने Sanjeev Arora के निजी आवास, उनके कार्यालयों और हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) से जुड़े चार अलग-अलग परिसरों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल हुए थे। इस बीच, Sanjeev Arora ने अपनी कस्टडी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर विधिक प्रक्रिया जारी है।
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बैंक लोन धोखाधड़ी में दीपक सिंगला पर कसा शिकंजा; आवास से मिले दस्तावेज
सोमवार को ही देश की राजधानी दिल्ली और तटीय राज्य गोवा में एक और बड़ी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। ईडी ने दिल्ली की विश्वास नगर सीट से चुनाव लड़ चुके और वर्तमान में गोवा के सह-प्रभारी दीपक सिंगला को मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया।
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करोड़ों के लोन में हेराफेरी का आरोप: जांच अधिकारियों के अनुसार, दीपक सिंगला के खिलाफ चल रही यह जांच एक बड़े बैंक लोन फ्रॉड (Bank Loan Fraud) से जुड़ी हुई है, जिसमें लोन की राशि को गैर-कानूनी तरीके से डायवर्ट करने के आरोप हैं।
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लंबी छापेमारी के बाद एक्शन: सोमवार सुबह से ही सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली और गोवा में सिंगला के आवास तथा उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए, जिसके बाद सिंगला को कस्टडी में ले लिया गया। इससे पहले साल 2024 में भी वित्तीय हेरफेर के सिलसिले में उनसे पूछताछ और रेड की जा चुकी है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी जांच
जांच एजेंसियों का स्पष्ट कहना है कि आर्थिक अपराधों और जनता के पैसे के गबन के मामलों में कानून पूरी निष्पक्षता और कड़ाई से अपना काम कर रहा है। आने वाले दिनों में गिरफ्तार किए गए दोनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि इन बड़े आर्थिक घोटालों की परतों को पूरी तरह खोला जा सके और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले सिंडिकेट को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।







