PMFME Scheme: सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, कैसे ग्रामीण भारत की महिलाओं को बना रहा है आत्मनिर्भर?

PMFME Scheme

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PMFME Scheme: देश में छोटे और स्थानीय व्यवसायों को आगे बढ़ाने के प्रयास अब रंग ला रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा करते हुए कहा कि भारत का सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र जमीनी स्तर पर उद्यमिता को एक नया आयाम दे रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी सबसे खास है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा नया आधार

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) किस तरह कम लागत, आधुनिक तकनीक, बेहतर ब्रांडिंग और बाजार संपर्कों के जरिए छोटे उद्यमों को सुव्यवस्थित बना रही है। 

इस पहल से स्थानीय उत्पादक अब केवल माल बेचने वाले नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अपने क्षेत्रों में नए रोजगार पैदा करने वाले बन रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर मजबूती मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा कि भारत का सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र जमीनी स्तर पर, खासकर महिलाओं के बीच, उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम 

केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan के लेख का उल्लेख करते हुए PM Modi ने कहा कि पीएमएफएमई योजना के माध्यम से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को तकनीकी सहायता, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। इससे छोटे उद्यमों की क्षमता बढ़ रही है और वे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं।

जब स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को सही बाजार और पहचान मिलती है, तो उससे न केवल छोटे कारोबारियों की क्षमता बढ़ती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी एक बड़ी मदद मिलती है।

यह भी पढ़ें: Sikkim Tunnel Collapse: पीड़ितों के लिए PMNRF से आर्थिक सहायता का ऐलान

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