President Murmu North Macedonia visit: भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच आपसी रिश्तों को और गहरा करने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपनी तीन देशों की आधिकारिक यात्रा के दूसरे चरण में उत्तर मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्ये पहुंची हैं। किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तर मैसेडोनिया की यह पहली यात्रा है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई गति मिलना तय माना जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान स्कोप्ये स्थित विला वोड्नो में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच औपचारिक बातचीत हुई। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आपसी सहयोग को बढ़ावा देना और व्यापार, तकनीक तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए रास्तों को तलाशना है।
विला वोड्नो में हुआ भव्य स्वागत और द्विपक्षीय वार्ता
राजधानी स्कोप्ये पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मु का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद वे उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा (Dr. Gordana Siljanovska-Davkova) के आधिकारिक निवास विला वोड्नो पहुंचीं, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें आपसी हित के कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
वार्ता के दौरान दोनों देशों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित अपने संबंधों को और आगे ले जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस प्रतिनिधिमंडल में भारत की ओर से उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और लोकसभा सांसद विजय बघेल भी शामिल थे।
आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों का एक प्रमुख आधार है। उन्होंने आईटी, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, बायोटेक्नोलॉजी, पर्यटन और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया।
इसके अलावा, भारत ने उत्तर मैसेडोनिया के नागरिकों के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (आईटीईसी) ट्रेनिंग स्लॉट की संख्या को दोगुना करने का बड़ा फैसला लिया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक विषयों के कोर्स भी शामिल होंगे, जिससे वहां के युवाओं को काफी लाभ मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ मिलकर काम करने की पहल
अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में राष्ट्रपति ने भारत की वैश्विक पहलों जैसे इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस का उल्लेख किया। उत्तर मैसिडोनिया ने भी इन पहलों से जुड़ने में अपनी रुचि दिखाई है, जिसका भारत ने स्वागत किया। इससे उत्तर मैसेडोनिया को नवीकरणीय ऊर्जा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दुनिया की बेहतरीन तकनीकों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही सांस्कृतिक संबंधों और लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करने पर भी दोनों पक्षों की सहमति बनी। यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाले समय में दोनों देशों के बहुआयामी साझेदारी को एक नया आयाम देने में बेहद मददगार साबित होगी।
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