Mathura: नववर्ष पर ब्रजमंडल के मंदिरों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब | New Year 2026

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Mathuraनव वर्ष 2026 के प्रथम दिन धर्म नगरी वृंदावन पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में डूबी नजर आ रही है। नए साल की शुरुआत आराध्य के दर्शनों के साथ करने की परंपरा ने आज वृंदावन को एक महाकुंभ जैसी भव्यता दे दी।

भोर की पहली किरण के साथ भक्तों का उमड़ना

भोर की पहली किरण के साथ ही लाखों श्रद्धालु ठाकुर बांके बिहारी महाराज के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरे परिसर में ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। भक्तों का मानना है कि साल के पहले दिन बांके बिहारी की झलक मिलने से पूरा वर्ष सुख, शांति और समृद्धि के साथ व्यतीत होता है।

मुख्य मंदिरों में उत्सव का माहौल

बांके बिहारी मंदिर के अलावा इस्कॉन मंदिर, राधा रमण मंदिर, राधा वल्लभ मंदिर और प्रेम मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जबकि यमुना घाटों पर श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह स्नान कर पुण्य कमाया और सुख-शांति की प्रार्थना की। बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों के कारण शहर के होटल और धर्मशालाएं कई दिन पहले से ही भर चुकी थीं।

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प्रशासनिक सतर्कता और व्यवस्था

भीड़ के दबाव को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश रोका गया और ‘वन-वे’ रूट लागू किया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहे और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों का जोश देखते ही बन रहा था।

केक और भक्ति का अद्भुत संगम 

नए साल की पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं ने आधी रात को केक काटकर नववर्ष 2026 की खुशियां मनाईं। खास बात यह रही कि सबसे पहले केक का भोग अपने लाडले ठाकुर जी को लगाया गया। इसके बाद भक्तों ने एक-दूसरे को ‘केक’ खिलाकर और ‘राधे-राधे’ के साथ शुभकामनाएं दी।

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यह भी पढ़ें: कौशल किशोर की अगुवाई में नव वर्ष 2026 पर नशामुक्त विकसित भारत पदयात्रा

आध्यात्मिक संकल्प के साथ नई शुरुआत 

कुछ स्थानों पर सामूहिक हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की कि नया साल सभी के जीवन में शांति, सुख और खुशहाली लेकर आए। दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों से आए युवा भी भक्ति की इस धारा में पूरी तरह शामिल नजर आए।

वृंदावन की गलियों में बह रही यह भक्ति और श्रद्धा की धारा नए साल को एक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही है। भक्तों का मानना है कि वर्ष की शुरुआत भगवान कृष्ण के दर्शन और आशीर्वाद से होने पर पूरा साल मंगलमय और सुखद रहेगा।

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